
Sukhendu Sekhar Roy Resignation: तृणमूल कांग्रेस को सोमवार को एक और बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने अपने पद से इस्तीफा देने के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दी। उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार को जिम्मेदार ठहराया। अपने इस्तीफे में सुखेंदु शेखर राय ने कहा कि राज्य में पिछले 15 सालों के शासन के दौरान भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अव्यवस्था और विभिन्न क्षेत्रों में नाकामियों ने जनता के बीच सरकार की साख को कमजोर किया। उनके अनुसार स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, कानून-व्यवस्था और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी, जिसका असर चुनावी परिणामों में साफ दिखाई दिया।
इस्तीफे के बाद सुखेंदु ने पार्टी की आंतरिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कई वरिष्ठ नेताओं को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर नहीं दिया जाता था और महत्वपूर्ण निर्णयों में उनकी राय को पर्याप्त महत्व नहीं मिलता था। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पार्टी के भीतर असंतोष का माहौल था, लेकिन अधिकांश नेता परिस्थितियों के कारण चुप रहे। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनावी हार के बाद पार्टी नेतृत्व ने आत्ममंथन करने या हार के कारणों की गंभीर समीक्षा करने की कोई ठोस कोशिश नहीं की। दूसरी ओर, उन्होंने राज्य में नई भाजपा सरकार की सराहना करते हुए कहा कि सरकार अपने चुनावी वादों को लागू करने और राज्य के विकास के लिए कदम उठा रही है।
सुखेंदु शेखर राय के इस्तीफे पर टीएमसी से निलंबित विधायक और सदन में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का फैसला नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने सुखेंदु के सार्वजनिक बयानों को देखा और सुना है और राज्यसभा की कार्यप्रणाली को लेकर सुखेंदु द्वारा उठाए गए कई मुद्दों से वे सहमत हैं। उनके अनुसार संसद गंभीर चर्चा का मंच है और उसकी गरिमा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अभी सुखेंदु ने ऐसा किया है, आगे अब दूसरे भी ऐसा ही करेंगे।
सुखेंदु राय के इस्तीफे के बाद इस बात की चर्चा बहुत तेज है कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ अन्य सांसद और नेता भी पार्टी छोड़ सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार दोपहर कई सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक की। बैठक में पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी और सुखेंदु शेखर राय भी मौजूद थे। आपको बता दें कि लोकसभा में TMC के 28 सांसद और राज्यसभा में 13 सदस्य हैं।