Chandranath Rath Murder Case: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु भें अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में सीबीआई को बड़ी सफलता मिली है। मुजफ्फरनगर से आरोपी राजकुमार सिंह गिरफ्तार किया गया। मामले में अब तक चार आरोपी पकड़े जा चुके हैं। सीबीआई हत्या की साजिश और अन्य शामिल लोगों की जांच में जुटी है।
Suvendu Adhikari PA Murder Case: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में सीबीआई को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जांच एजेंसी ने मुजफ्फरनगर पुलिस की मदद से मामले के एक और आरोपी राजकुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को दिल्ली-दून हाईवे पर स्थित छपार टोल प्लाजा से उस वक्त पकड़ा गया, जब वह अपने परिवार के साथ हरिद्वार से वापस लौट रहा था। बताया जा रहा है कि सीबीआई की टीम ने पूरी तैयारी के साथ कार्रवाई की। टीम को पहले से सूचना मिल चुकी थी कि आरोपी इसी रास्ते से गुजरने वाला है। जैसे ही कार टोल प्लाजा के पास पहुंची, पुलिस और सीबीआई ने उसे घेर लिया। कार में आरोपी के साथ परिवार की दो महिलाएं और एक बुजुर्ग भी मौजूद थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजकुमार सिंह इस हत्याकांड का मेन शूटर बताया जा रहा है।
गिरफ्तारी के बाद राजकुमार सिंह को छपार थाने लाया गया, जहां उससे कई घंटों तक पूछताछ की गई। इसके बाद भारी सुरक्षा के बीच उसे मुजफ्फरनगर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कविता अग्रवाल की अदालत में पेश किया गया। कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद सीबीआई टीम आरोपी को अपने साथ दिल्ली लेकर रवाना हो गई। इस ऑपरेशन को सीबीआई के डीएसपी राजेश कुमार सिंह लीड कर रहे थे।
चंद्रनाथ रथ की हत्या छह मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई थी। मध्यमग्राम इलाके में बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी थी। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी काफी हलचल मच गई थी। शुरुआत में केस स्थानीय पुलिस के पास था, लेकिन बाद में इसकी गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई अब तक इस मामले में मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी को शक है कि इस हत्याकांड के पीछे बड़ी साजिश हो सकती है और कई अन्य लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं।
इसी बीच एक और जानकारी सामने आई है कि पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अयोध्या पुलिस की मदद से आरोपी राज सिंह को पहले पकड़ा था। वह अपनी मां के साथ राम मंदिर दर्शन के लिए अयोध्या आया था। दर्शन और घूमने के बाद जब वह वापस लौट रहा था, तभी संयुक्त टीम ने उसे गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर हिरासत में ले लिया।