
Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने और लव जिहाद, लैंड जिहाद तथा जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को छह महीने का समय दिया जाए, इसके बाद इन मुद्दों पर कड़े कदम उठाए जाएंगे। एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड और गुजरात के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी UCC लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार संविधान के दायरे में काम करेगी और राज्य में किसी भी तरह की राष्ट्रविरोधी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि UCC लागू होने के बाद राज्य में लव जिहाद और धर्मांतरण को रोकने के लिए कड़े कानून बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार छह महीने के भीतर लव जिहाद और लैंड जिहाद के खिलाफ कानून लाने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम बंगाल में उनकी सरकार किसी भी राष्ट्रविरोधी गतिविधि को अनुमति नहीं देगी। साथ ही उन्होंने गौ रक्षा को लेकर भी कहा कि हम गौ-माता की रक्षा करेंगे, बस इंतजार करें और देखें कि आगे क्या होता है।
शुभेंदु अधिकारी ने आगामी धार्मिक कार्यक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नवंबर में नेताजी इंडोर स्टेडियम में 20 हजार लोग सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। उन्होंने 29 दिसंबर को 10 लाख लोगों के सामूहिक गीता पाठ की भी बात कही। इसके अलावा उन्होंने अगले साल होने वाले गंगासागर मेले की तैयारियों का जिक्र करते हुए वहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही।
रोजगार के मुद्दे पर शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए नौकरियां उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में बाहर से आने वाले लोगों के मुद्दे से भी निपटना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को वैश्विक नेता बनाया है, लेकिन देश के भीतर घुसपैठ के मुद्दे से एकता और संगठन के जरिए निपटने की जरूरत है।
शुभेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार पर समाज को विभाजित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय के बाद लोगों ने कई उम्मीदों के साथ एक राष्ट्रवादी सरकार को सत्ता में लाया है और ये सपने व्यर्थ नहीं जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि पहाड़ी इलाकों में तमांग, लेपचा और राय समेत विभिन्न समुदायों के बीच विभाजन पैदा किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजबंशी समाज और मतुआ समुदाय के भीतर भी विभाजन हुआ है।