
Swatantra Bhardwaj Case: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस (Habeas Corpus) याचिका दायर की है। याचिका में स्वतंत्र भारद्वाज ने पुलिस द्वारा गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने और उन्हें रिहा कनरे की मांग की है।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय के समक्ष मामले का उल्लेख किए जाने के बाद कोर्ट ने सोमवार को याचिका पर तत्काल सुनवाई करने पर सहमति जताई। भारद्वाज की ओर से अधिवक्ता उमेश शर्मा ने मामले का उल्लेख किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि भारद्वाज पिछले तीन दिनों से हिरासत में हैं।
स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी याचिका में कहा कि उनकी गिरफ्तारी कानून के मुताबिक नहीं हुई और उन्हें तत्काल रिहा किया जाना चाहिए।
बता दें कि स्वतंत्र भारद्वाज को 5 सितंबर को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया था। स्वतंत्र पर जुलाई में जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट करने का आरोप है।
इस मामले में उन पर मारपीट के आरोपों के अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) और POCSO Act के तहत भी धाराएं लगाई गई हैं।
शुरुआत में भारद्वाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) (साधारण चोट पहुंचाना) और धारा 126(2) (गलत तरीके से रोकना) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
बाद में भारद्वाज ने में दावा किया था कि उन्होंने छात्रा के पिता की खोपड़ी फोड़ दी थी और पुलिस ने उन्हें केवल कुछ घंटों के लिए हिरासत में लिया था। उन्होंने NDA नेताओं कपिल मिश्रा और चिराग पासवान के साथ अपनी नजदीकी का भी दावा किया था।
हालांकि, चिराग पासवान ने भारद्वाज के इस दावे से इनकार किया था। उन्होंने भारद्वाज के खिलाफ अपना नाम कथित तौर पर गलत तरीके से इस्तेमाल करने को लेकर अलग शिकायत भी दर्ज कराई थी।
रविवार को स्वतंत्र भारद्वाज के वकील ने उसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई थी। वकील पीयूष जैन ने दावा किया कि भारद्वाज को तिहाड़ जेल में कुछ ‘राष्ट्र-विरोधी तत्वों’ से हमले का खतरा है। उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता से जेल में स्वतंत्र भारद्वाज की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की थी।