तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले DMK और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर गतिरोध बना हुआ है। कांग्रेस 34 सीटों की मांग पर अड़ी है, जबकि डीएमके 29 सीटों और राज्यसभा सीटों का फॉर्मूला पेश कर चुकी है। इसी मुद्दे पर पी. चिदंबरम और के. सेल्वापेरुंथगई ने मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन से मुलाकात की।
Tamil Nadu Assembly Elections 2026: तमिलनाडु में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले राजनीतिक पार्टियों द्वारा तैयारी तेज हो गई और सीट बंटवारे को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गईं। इसी बीच सत्तारूढ़ डीएमके और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर गतिरोध जारी है। इसको लेकर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई ने मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम. के. स्टालिन से उनके आवास पर मुलाकात की। इस बैठक में डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि भी मौजूद रहीं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डीएमके नेतृत्व वाली कांग्रेस की 34 विधानसभा सीटों की मांग अनुरूप के पक्ष में नहीं है। हालांकि पार्टी ने 29 सीटें देने की पेशकश की है, साथ ही दो राज्यसभा सीटों का प्रस्ताव भी रखा है।
डीएमके के प्रवक्ता ने बताया कि सीट बंटवारे को लेकर दूसरे दौर की बातचीत के लिए कांग्रेस को बुधवार को आमंत्रित किया गया है।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने डीएमके के प्रस्ताव की पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी संख्या पर मंथन कर रही है और हाईकमान की मंजूरी का इंतजार है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले द्विवार्षिक चुनाव में कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट दी जाएगी, जबकि दूसरी सीट 2028 में देने का प्रस्ताव है। डीएमके ने यह भी संकेत दिया है कि राज्यसभा सीट तमिलनाडु कांग्रेस के किसी नेता को दी जानी चाहिए।
वहीं TNCC अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई ने इस मीटिंग को शिष्टाचार डिलीवरी बताया। उन्होंने कहा कि गठबंधन मजबूत है और सीट बंटवारे पर जल्द अंतिम फैसला हो जाएगा। डीएमके की ओर से कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस की ओर से पी. चिदंबरम को बातचीत के लिए भेजने का फैसला सीनियर लीडर सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और के. सी. वेणुगोपाल की मीटिंग में लिया गया। इससे पहले एआईसीसी के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडणकर की अधिग्रहण में हुई बातचीत बेनतीजा रही थी।