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Rajya Sabha Elections 2026: राज्यसभा चुनाव में तेजस्वी ने निकाला ओवैसी का तोड़, इस नाम पर चल रही चर्चा

Rajya Sabha Elections 2026: ओवैसी की पार्टी ने अपना प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर दिया है, लेकिन राजद नेता तेजस्वी यादव ने इसका तोड़ निकाल लिया है।

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पटना

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Ashib Khan

Feb 27, 2026

Rajya Sabha Elections 2026, rjd, aimim, bihar politics

राजद नेता तेजस्वी यादव और AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Photo-IANS)

Rajya Sabha Elections 2026: बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होगा। इन पांच में से चार सीटें एनडीए के खाते में जाती हुई नजर आ रही हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा पांचवीं सीट को लेकर हो रही है। चार सीटों पर निर्विरोध चुनाव हो सकता है, लेकिन पांचवीं सीट के लिए किसी भी गठबंधन के पास संख्याबल पूरा नहीं है। ऐसे में पांचवीं सीट को लेकर पेच फंसा हुआ है। इस पेच में सबसे ज्यादा अहम भूमिका असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM की है। 

AIMIM ने किया खेला!

प्रदेश में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के पांच विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव में पार्टी ने अपना प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया है। इसके बाद महागठबंधन परेशान हो गया है। दरअसल, महागठबंधन को पांचवीं सीट पर जीत के लिए ओवैसी के विधायकों के वोटों की जरूरत है। ऐसे में अपना प्रत्याशी उतारने के ऐलान से वोटिंग से पहले AIMIM ने खेला कर दिया। 

राजद ने निकाला तोड़

राजद नेता तेजस्वी यादव ने इसका तोड़ निकाल लिया है। प्रदेश में अटकलें लगाई जा रही हैं कि राजद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब को राज्यसभा भेज सकती है। 

पिछले दिनों राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि राज्यसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह से फॉर्मूला सेट हो गया है। हमारी व्यक्तिगत राय है कि किसी अल्पसंख्यक को यह सीट दी जाए। खासकर हिना शहाब को दे दिया जाएगा तो हम सीट निकाल लेंगे। 

असदुद्दीन ओवैसी का शहाबुद्दीन के परिवार से अच्छा संबंध है। यदि राजद हिना शहाब को राज्यसभा के लिए अपना प्रत्याशी घोषित करती है, तो AIMIM सपोर्ट कर सकती है। 

क्या है पांचवीं सीट के लिए समीकरण?

प्रदेश की पांचवीं सीट के लिए बीजेपी और जेडीयू के पास विधायकों की संख्या कम है। दोनों पार्टियों के पास बस महज 10 विधायकों के वोट बच जाएंगे। लेकिन यदि पूरे NDA की बात की जाए तो टोटल वोट 38 हो जाएंगे। इसके बाद भी इस सीट को जीतने के लिए NDA को तीन वोटों की आवश्यकता होगी।

दूसरी तरफ महागठबंधन की बात करें तो इसमें राजद सबसे आगे है। हालांकि राजद और विपक्षी दल मिलकर भी अपने प्रत्याशी को राज्यसभा नहीं पहुंचा सकते हैं। महागठबंधन के पास 35 वोट हैं; ऐसे में इस गठबंधन को भी 6 वोटों की आवश्यकता होगी। यदि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी महागठबंधन को सपोर्ट करती है, तब 40 हो जाते हैं, लेकिन इसके बाद भी एक वोट की आवश्यकता होगी।

अनुमान लगाया जा रहा है कि महागठबंधन के पक्ष में BSP के एकमात्र विधायक के समर्थन की भी आवश्यकता होगी। इसके बाद कुल 41 वोट होंगे।