सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अध्याय तैयार करने से जुड़े दो व्यक्तियों को मंत्रालय से अलग कर दिया गया है। हालांकि, अदालत ने इसे हल्की कार्रवाई बताते हुए गहन जांच करने की बात कही। कोर्ट ने कहा कि उन्होंने गोली चला दी और आज न्यायपालिका लहूलुहान है। साथ ही कहा कि इस तरह की सामग्री से न केवल छात्रों बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों पर भी प्रभाव पड़ता है।