
DMK vs Congress Seat Sharing Rift: तमिलनाडु में आगामी अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव संभावित हैं। ऐसे में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे और सत्ता में भागीदारी को लेकर अभी से रस्साकशी शुरू हो गई है। हाल ही में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात की थी, लेकिन अब तक किसी ठोस सहमति पर नहीं पहुंचा जा सका है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गिरीश चोडनकर और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगई ने सोमवार को DMK नेता कनिमोई से मुलाकात की। कांग्रेस आगामी चुनावों के लिए अधिक सीटों की मांग कर रही है, जबकि DMK पिछली बार की तरह इस बार भी 25 सीटों से आगे बढ़ने को तैयार नहीं है।
विवाद सिर्फ सीटों तक सीमित नहीं है, बल्कि 'गठबंधन सरकार' को लेकर भी है। हाल ही में एक निजी कार्यक्रम में एमके स्टालिन ने स्पष्ट कर दिया था कि सरकार में सत्ता की साझेदारी (Power Sharing) की कोई व्यवस्था नहीं होगी।
इसके विपरीत, कांग्रेस लगातार मांग कर रही है कि उसे राज्य की सत्ता में भागीदार बनाया जाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद पिछले कार्यकाल में कांग्रेस का कोई भी सदस्य मंत्री नहीं बना।
DMK के साथ जारी इस तनातनी के बीच, राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं कि कांग्रेस अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) के साथ गठबंधन की संभावनाएं तलाश सकती है।