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Tamil Nadu Assembly polls: सत्ता साझेदारी को लेकर बढ़ी तकरार, क्या DMK-कांग्रेस में आ गई दरार?

तमिलनाडु चुनाव 2026 से पहले DMK-कांग्रेस गठबंधन में 'पावर शेयरिंग' को लेकर तकरार बढ़ी। स्टालिन ने गठबंधन सरकार से किया इनकार, मणिकम टैगोर ने दिया करारा जवाब। पूरी खबर यहां पढ़ें।
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भारत

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Satya Brat Tripathi

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Updated: 14 Feb 2026, 2:58 PM IST

Rahul gandhi and mk stalin

राहुल गांधी और एम के स्टालिन (Photo - IANS)

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के करीब आते ही, सत्तारूढ़ DMK-कांग्रेस गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे और सरकार में भागीदारी को लेकर तनाव के नए संकेत उभरे हैं। हाल ही में कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने दोनों सहयोगियों के बीच सत्ता-साझा व्यवस्था को लेकर अटकलों को फिर से तेज कर दिया है।

दोनों दलों के बीच यह विवाद तब शुरू हुआ जब तमिलनाडु के मंत्री राजा कन्नप्पन ने सार्वजनिक मंच पर कहा कि DMK विधानसभा चुनाव में 160-170 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और 160 सीटों तक जीतने में आश्वस्त है। इस बयान का हवाला देते हुए मणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया 'X' पर DMK के रुख पर सवाल उठाया।

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने DMK को घेरते हुए लिखा, '2021 में आपने 173 सीटों पर चुनाव लड़ा और 133 जीते। हम उन सीटों के बारे में पूछ रहे हैं, जहां आप हार गए थे। सत्ता साझा करना आवश्यक है। सत्ता में हिस्सा हमारा अधिकार है। लोगों का निर्णय होगा।' यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कांग्रेस की राज्य सरकार में भूमिका पर लगातार चर्चाएं और खंडन जारी हैं।

DMK सत्ता बटंवारे को कर चुकी है खारिज

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस सप्ताह की शुरुआत में चेन्नई में एक निजी कार्यक्रम में गठबंधन सरकार की संभावना को खारिज कर दिया। हालांकि कांग्रेस संग गठबंधन जारी रहने की पुष्टि करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के भीतर सत्ता के बंटवारे की कोई व्यवस्था नहीं होगी। इस तरह उन्होंने कुछ कांग्रेस नेताओं की मंत्री पद की मांग को खारिज कर दिया।

एमके स्टालिन के बयान सामने आने के तुरंत बाद कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया पर जवाब दिया कि लोग तय करेंगे कि यह गठबंधन सरकार होगी या एक पार्टी की सरकार। 2006 में लोगों की मंशा को लागू नहीं करना तमिलनाडु कांग्रेस की गलती थी।

2006 विधानसभा चुनावों में DMK ने 96 सीटें और कांग्रेस ने 34 सीटें जीती थीं, जिससे गठबंधन सरकार बनाना संभव हुआ था। टैगोर ने यह संकेत दिया कि उस समय कांग्रेस को सत्ता-साझा व्यवस्था पर अधिक जोर देना चाहिए था, क्योंकि DMK को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था।

सत्ता में हिस्सा मांगना साजिश कैसे?

11 फरवरी को इस मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि गठबंधन मजबूत बना हुआ है। DMK-कांग्रेस संबंध वैसा नहीं है जैसा दूसरे सोचते हैं। हम सहज हैं। हमें पता है कि सरकार में हिस्सा तमिलनाडु की अपेक्षाओं के बराबर नहीं है, और उन्हें भी पता है। कुछ लोग भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं दरार है। हम चिंतित नहीं हैं; राहुल भी चिंतित नहीं हैं।

इस पर फिर से प्रतिक्रिया देते हुए टैगोर ने कहा कि अगर लोग सत्ता में हिस्सा मांगते हैं, तो इसे साजिश कैसे कहा जा सकता है?" चुनावी मौसम गहराने के साथ ही सीट आवंटन और सत्ता-साझा व्यवस्था पर बहस गठबंधन के भीतर एक प्रमुख मुद्दा बने रहने की संभावना है।