
एक्टर विजय। (फोटो- IANS/X/@ActorVijayTeam)
तमिलनाडु की राजनीति में जब भी कोई सुपरस्टार सक्रिय राजनीति में कदम रखता है, तो तुलना सीधे ‘पुरैची थलाइवर’ एमजी रामचंद्रन (MGR) से होने लगती है। रजनीकांत के राजनीति से पीछे हटने और कमल हासन के अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पाने के बाद अब सबकी नजरें थलापति विजय और उनकी पार्टी TVK (तमिलागा वेत्री कझगम) पर टिकी हैं। चुनाव आयोग द्वारा विजय की पार्टी को ‘सीटी’ (Whistle) चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है। विजय अब उसी रास्ते पर हैं, जिस पर कभी MGR ने कदम रखा था।
पीक करियर में एंट्री: रजनीकांत और कमल हासन ने अपने करियर के ढलते दौर में राजनीति चुनी। इसके विपरीत, विजय 51 वर्ष की उम्र में अपने फिल्मी करियर के चरम (Peak) पर राजनीति में आए हैं।
संगठित बूथ नेटवर्क: विजय के पास केवल फैन्स नहीं हैं, बल्कि करीब 70,000 बताए जा रहे बूथ एजेंट हैं। 2021 के स्थानीय निकाय चुनावों में उनके समर्थकों ने निर्दलीय उम्मीदवारों के रूप में 169 में से 115 सीटें जीती थीं, जो उनके जमीनी नेटवर्क की ताकत का संकेत देती हैं।
MGR ने 1970–80 के दशक में फिल्मी लोकप्रियता का इस्तेमाल जनता तक सीधे संपर्क और लाभ वितरण के माध्यम से किया और ‘गरीबों का मसीहा’ की छवि बनाई। उन्होंने करुणानिधि के लंबे राजनीतिक शासन को चुनौती दी।
वहीं, विजय भी इसी तर्ज पर अपने मॉडल पेश कर रहे हैं, जैसे, सामाजिक कल्याण, युवाओं पर फोकस और मुफ्त शिक्षा। हालांकि मुकाबला अब पहले से कहीं अधिक जटिल है, क्योंकि तमिलनाडु की राजनीति बहुकोणीय है।
| फैक्टर | MGR (1972) | विजय (2026) |
|---|---|---|
| अनुभव | 20 साल का राजनीतिक अनुभव | शून्य सीधा राजनीतिक अनुभव |
| विपक्ष | मुख्य मुकाबला केवल करुणानिधि | DMK, AIADMK, BJP, NTK जैसे दिग्गज |
| इमेज | गरीबों का मसीहा | यूथ आइकन और ‘जन नायक’ की छवि |
MGR ने करुणानिधि के खिलाफ जो चुनावी जंग 1972 में शुरू की थी, वैसी ही चुनौती विजय के सामने है। विश्लेषकों के अनुसार, यदि विजय 15-20 प्रतिशत वोट शेयर जुटाने में सफल रहते हैं, तो वे 2026 के चुनाव में ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभा सकते हैं।
उनका मुख्य फोकस उन युवाओं और महिलाओं पर है, जो लंबे समय से तमिलनाडु की राजनीति में पुराने द्रविड़ दलों के विकल्प की तलाश में हैं। सोशल मीडिया पर ‘सीटी’ का शोर है, लेकिन वास्तविक चुनावी प्रभाव तभी दिखेगा जब यह जमीनी वोट में तब्दील हो।
विजय की राजनीति और MGR की ऐतिहासिक रणनीति में समानताएं हैं-जनता के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव, सामाजिक योजनाओं के माध्यम से लोकप्रियता और सिनेमाई छवि का इस्तेमाल। लेकिन 2026 का चुनाव बहुकोणीय और चुनौतीपूर्ण है। तमिलनाडु के वोटर अक्सर सुपरस्टारों को पसंद करते हैं, पर सत्ता का ताज वही हासिल करता है जो जमीनी संगठन और व्यापक रणनीति दोनों में मजबूत होता है।
Updated on:
10 Feb 2026 09:06 am
Published on:
10 Feb 2026 09:06 am
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