DMK प्रमुख एमके स्टालिन ने तमिलनाडु चुनाव में हार के बाद सीएम विजय पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विजय की पार्टी इंस्टाग्राम और बच्चों के प्रचार के चलते यह चुनाव जीती है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में द्रविड मुनेत्र कषगम (DMK) की हार के बाद पार्टी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने पहली बार खुलकर चुनावी रणनीति और बदलते प्रचार मॉडल पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने माना कि पार्टी सोशल मीडिया आधारित प्रचार और भावनात्मक पहुंच की ताकत को सही समय पर समझ नहीं सकी। स्टालिन ने कहा कि तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने इंस्टाग्राम और बच्चों के जरिये ऐसा प्रचार किया, जिसने घरों के भीतर मतदाताओं को प्रभावित किया। उनके अनुसार यह रणनीति योजनाबद्ध तरीके से अपनाई गई और DMK उसे समय रहते पहचान नहीं पाई। अब पार्टी भविष्य के चुनावों के लिए नई रणनीति तैयार करेगी।
एमके स्टालिन ने कहा कि इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म अब केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गए हैं, बल्कि चुनावी राय बनाने में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों को प्रचार अभियान में शामिल कर माताओं, दादा-दादी और परिवार के बुजुर्ग मतदाताओं तक भावनात्मक संदेश पहुंचाया गया। स्टालिन ने कहा, सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम और बच्चों के प्रचार का इस्तेमाल सोच समझकर किया गया, जिसे हम समय पर नहीं देख सके। उन्होंने माना कि आने वाले समय में राजनीतिक दलों को डिजिटल प्रचार के नए तौर तरीकों को गंभीरता से समझना होगा। DMK अब ऐसे अभियानों का मुकाबला करने के लिए अलग रणनीतिक ढांचा तैयार करेगी।
स्टालिन ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से निराश नहीं होने की अपील की। उन्होंने कहा कि DMK ने अपने राजनीतिक सफर में कई जीत और हार देखी हैं, लेकिन हर हार के बाद पार्टी और मजबूत होकर उभरी है। उन्होंने कहा, DMK हार के समय फीनिक्स पक्षी की तरह फिर उठ खड़ी होती है। स्टालिन ने यह भी कहा कि चुनाव हारने के बावजूद पार्टी की नीतियां आज भी राज्य की शासन व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि नई सरकार भी DMK शासनकाल की कई कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखे हुए है, जिससे साफ है कि जनता अब भी पार्टी की नीतियों को महत्व देती है।
DMK प्रमुख ने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विरोधी गठबंधन कई स्थानों पर बूथ कमेटी सदस्य, बूथ एजेंट और काउंटिंग एजेंट तक नियुक्त नहीं कर पाया था, फिर भी उसे जीत मिली। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद ही पार्टी ने विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी थी और संगठन स्तर पर काफी काम किया गया। इसके बावजूद सत्ता में वापसी नहीं हो सकी। स्टालिन ने साफ किया कि वह हार से टूटे नहीं हैं और पार्टी भविष्य के चुनावों में ज्यादा सतर्क रहकर काम करेगी। उनके अनुसार तमिलनाडु की राजनीति अब तेजी से डिजिटल और लक्षित प्रचार मॉडल की तरफ बढ़ रही है।