तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए 5.67 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे। कड़ी सुरक्षा, रिकॉर्ड जब्ती और नई सुविधाओं के बीच राज्य में बड़ा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिलेगा।
Tamil Nadu Assembly Elections: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। राज्य में इस बार 5.67 करोड़ से ज्यादा मतदाता चुनावी नतीजे तय करेंगे, जिनमें 14.5 लाख नए वोटर शामिल हैं और महिलाओं की भागीदारी भी अहम मानी जा रही है। वोटिंग के लिए 75 हजार से ज्यादा बूथ बनाए गए हैं और 3 लाख कर्मचारी तैनात किए गए हैं।। वहीं मतदान से पहले ही हजारों करोड़ की नकदी और सामान की जब्ती ने साफ संकेत दिया है कि प्रशासन किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर बेहद सतर्क है। अब 23 अप्रैल को होने वाले मतदान पर सबकी नजर टिकी है, जहां करोड़ों मतदाता अपने अधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
इस चुनाव में 5.67 करोड़ से अधिक मतदाता हिस्सा लेंगे। दिलचस्प बात यह है कि महिलाओं की संख्या पुरुषों से थोड़ी ज्यादा है। करीब 2.89 करोड़ महिला वोटर और 2.77 करोड़ पुरुष वोटर हैं। इससे साफ है कि इस बार महिलाओं की भूमिका चुनावी नतीजों में अहम हो सकती है। वहीं 14.5 लाख से ज्यादा नए मतदाता पहली बार वोट डालेंगे।
राज्य भर में 75 हजार से ज्यादा पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जो 33 हजार से अधिक केंद्रों पर फैले हैं। इन पर करीब 3 लाख कर्मचारी तैनात किए गए हैं। वोटिंग के लिए 1 लाख से ज्यादा ईवीएम और वीवीपैट मशीनें लगाई गई हैं, साथ ही अतिरिक्त मशीनें भी रिजर्व में रखी गई हैं ताकि किसी तरह की तकनीकी दिक्कत न हो।
चुनाव से पहले जिस स्तर पर कार्रवाई हुई है, वह अपने आप में बड़ा संकेत है। अब तक 1,262 करोड़ रुपये की नकदी पकड़ी जा चुकी है और 543 करोड़ रुपये की अन्य सामग्री जब्त की गई है। इसके अलावा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी नजर रखते हुए 2,000 से ज्यादा संदिग्ध लिंक हटाए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि इस बार चुनाव को पूरी तरह साफ-सुथरा रखने के लिए कोई ढील नहीं दी जाएगी।
चुनाव के दौरान सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। करीब 8,300 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और 3,000 से ज्यादा संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां खास निगरानी रखी जा रही है। चार स्तर के कंट्रोल रूम बनाए गए हैं ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही 1950 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, जहां लोग शिकायत या जानकारी दे सकते हैं।
इस बार चुनाव आयोग ने मतदाताओं के अनुभव को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया है। 249 मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जहां बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कुछ बूथ महिलाओं और दिव्यांगों द्वारा संचालित होंगे। इसके अलावा ग्रीन पोलिंग स्टेशन भी बनाए गए हैं, जो पर्यावरण के अनुकूल होंगे। पहली बार मोबाइल फोन रखने के लिए डिपॉजिट सिस्टम भी लागू किया गया है।
राजनीतिक तौर पर इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प है। एक तरफ सत्ताधारी दल दोबारा वापसी की कोशिश में है, तो दूसरी तरफ विपक्ष मजबूत चुनौती दे रहा है। इसके अलावा नई पार्टियां और क्षेत्रीय दल भी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला कई हिस्सों में बंटा हुआ नजर आ रहा है। यही वजह है कि इस बार का चुनाव नतीजों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।