
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। सीएम विजय की पार्टी टीवीके ने AIADMK में बड़ी राजनीतिक सेंध लगाने की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी के अंदर ऑपरेशन- L नाम से एक अभियान चल रहा है, जिसके तहत विपक्षी दलों के विधायक और नेता पार्टी छोड़ TVK में शामिल हो रहे हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, AIADMK के करीब 10 विधायक 15 अगस्त से पहले अपने विधानसभा पद से इस्तीफा देकर TVK में शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग द्वारा संभावित उपचुनाव की घोषणा से पहले पूरी कर ली जाएगी।
बता दें कि मई में विजय सरकार के गठन के दौरान AIADMK के 25 विधायकों ने पार्टी व्हिप के खिलाफ जाकर TVK का समर्थन किया था। इनमें से लगभग आधे विधायक अब या तो TVK में शामिल हो चुके हैं या शामिल होने की प्रक्रिया में हैं।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके ने शानदार प्रदर्शन किया था और 108 सीटों पर जीत दर्ज की थी। विजय ने दो सीटों पर सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि टीवीके बहुमत से दूर रही। कांग्रेस व अन्य दलों के समर्थन से विजय ने अपनी सरकार बनाई।
वहीं 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में फिलहाल 7 सीटें खाली हैं, जिससे सदन की प्रभावी संख्या 227 रह गई है। वर्तमान में TVK के पास 107 विधायक हैं। यदि और विधायक पार्टी में शामिल होते हैं तो सत्ता पक्ष का बहुमत और मजबूत हो जाएगा।
यदि टीवीके बहुमत के आंकड़े को पार कर लेती है तो उसे कांग्रेस की आवश्यकता होगी। फिलहाल कांग्रेस के पांच विधायकों ने विजय सरकार को समर्थन दे रखा है।
हाल ही में पूर्व मंत्री सी. विजयभास्कर और एम.आर. विजयभास्कर ने विधायक पद से इस्तीफा देकर TVK का दामन थाम लिया। इनके अलावा एम.एस.एम. आनंदन, एस. वलारमथी सहित कई पूर्व विधायक और जिला स्तरीय नेता भी पार्टी में शामिल हुए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, AIADMK से कई वरिष्ठ नेता इस्तीफा दे सकते हैं और विजय की पार्टी में शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि जुलाई के अंत या अगस्त की शुरुआत तक TVK में शामिल हो सकते हैं।
बताया जा रहा है कि TVK में शामिल होने वाले विधायकों को आगामी उपचुनाव में पार्टी टिकट देने का भरोसा दिया गया है। वहीं, चुनाव जीतने पर कुछ वरिष्ठ नेताओं को कैबिनेट में जगह, जबकि अन्य को जिला सचिव और संगठन में अहम जिम्मेदारियां देने का आश्वासन मिला है।
विधानसभा चुनाव हारने के बाद AIADMK की कलह सामने आ गई। पार्टी नेताओं के अंदर असंतोष की भी बात सामने आई। AIADMK के एक नेता ने कहा कि पार्टी के भीतर लंबे समय से असंतोष था। उनका आरोप है कि एडप्पाडी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में कई नेताओं की अनदेखी हुई और संगठनात्मक विवादों का समाधान नहीं किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, खासकर एस.पी. वेलुमणि के समर्थक जिला सचिवों को हटाए जाने के बाद पार्टी में नाराजगी और बढ़ गई।
लगातार हो रहे दलबदल को लेकर विपक्ष ने TVK पर विधायकों की खरीद-फरोख्त और राजनीतिक दबाव के आरोप लगाए हैं। साथ ही, भ्रष्टाचार मामलों का सामना कर रहे कुछ पूर्व मंत्रियों के TVK में शामिल होने को लेकर विपक्ष ने इसे पॉलिटिकल वॉशिंग मशीन करार दिया है।
हालांकि, TVK ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कानूनी कार्रवाई अपने स्तर पर जारी रहेगी और किसी भी मामले में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।