लीमा रोज मार्टिन के इस्तीफे के बाद तमिलनाडु में LJK की एंट्री की तैयारी है। AIADMK और NDA के साथ संभावित गठजोड़ राज्य की चुनावी रणनीति और समीकरण को नया मोड़ दे सकता है।
तमिलनाडु की राजनीति में अक्सर नए दल आंदोलन, नारे या पुराने दलों से टूटकर जन्म लेते हैं। कभी कभी यह रणनीतिक कारोबारी योजना का परिणाम भी होते हैं। अब राज्य के चुनावी परिदृश्य में एक नया नाम जुड़ने की संभावना बन रही है, क्योंकि लीमा रोज मार्टिन ने 14 वर्ष बाद इंधिया जननायगा काची (IJK) से इस्तीफा देकर नई राजनीतिक दिशा का संकेत दिया है।
लॉटरी कारोबारी सैंटियागो मार्टिन की पत्नी लीमा रोज मार्टिन ने संकेत दिया है कि वह जल्द ही अपने अगले कदम की घोषणा करेंगी। सूत्रों के अनुसार यह कदम राजनीति से दूरी नहीं बल्कि तमिलनाडु में लचिया जननायगा काची (LJK) की इकाई शुरू करने की तैयारी है। यह पार्टी हाल ही में पुडुचेरी में उनके बेटे जोस चार्ल्स मार्टिन द्वारा स्थापित की गई थी। इस तरह परिवार की राजनीतिक मौजूदगी राज्य सीमाओं से आगे बढ़ सकती है।
परिवार की राजनीतिक सक्रियता पहले से ही कई दलों से जुड़ी है। उनके दामाद आधार अर्जुन अभिनेता विजय द्वारा स्थापित तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) में अहम भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि सूत्रों का कहना है कि लीमा TVK में शामिल होने के बजाय स्वतंत्र राह चुन सकती हैं। चर्चा यह भी है कि वह अखिल भारतीय अन्ना द्रविड मुनेत्र कझगम (AIADMK) के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के साथ तालमेल बैठा सकती हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में सीट को लेकर बातचीत पहले ही हो चुकी है। बता दें कि सैंटियागो मार्टिन ने बीजेपी को करोड़ों का चंदा दिया है।
सूत्रों के मुताबिक लीमा की पहली पसंद कोयंबटूर सीट हो सकती है, जहां वह वर्तमान में निवास करती हैं। यदि उन्हें यह सीट मिलती है तो वह आसपास की लगभग पांच सीटों पर अभियान और लॉजिस्टिक सहयोग देने की पेशकश कर चुकी हैं। वैकल्पिक रूप से वह रामनाथपुरम जिले की तिरुवदनै सीट से भी चुनाव लड़ सकती हैं, जहां उन्होंने सामाजिक और परोपकारी कार्यों के तहत लीमा मार्टिन हेल्थ सेंटर की स्थापना की है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि IJK और LJK का वोट शेयर भले सीमित रहा हो, लेकिन कारोबारी पृष्ठभूमि और संसाधन इन दलों को गठबंधन राजनीति में अहम बना सकते हैं।