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वामपंथी और CJP के प्रोटेस्ट में शामिल नहीं हो सकेंगे तमिलनाडु के छात्र! विजय सरकार के सख्त निर्देश पर बरसे सौरव दास

Tamil Nadu Students Protest: तमिलनाडु सरकार ने छात्रों और युवाओं को वामपंथी दलों व CJP के प्रदर्शनों से दूर रखने के निर्देश दिए हैं। फैसले पर सौरव दास ने सवाल उठाए।
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Tamil Nadu students protest directive.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास। (Photo- ANI)

Students Protest Tamil Nadu: तमिलनाडु की विजय सरकार ने स्कूल-कॉलेजों के छात्रों और युवाओं को वामपंथी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने से रोकने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इसे लेकर शिक्षा विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को आपस में मिलकर काम करने को कहा है। कॉलेजिएट शिक्षा विभाग की ओर से 17 अगस्त को जारी पत्र में सरकारी कला एवं विज्ञान कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वे स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के साथ-साथ पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों से समन्वय करें। उधर, तमिलनाडु सरकार के फैसले पर CJP प्रवक्ता सौरव दास ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे वापस लिए जाने की मांग की है।

पत्र में क्या कहा गया है?

पत्र में कहा गया है कि छात्र-छात्राओं और युवाओं को इन राजनीतिक दलों की ओर से आयोजित विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों में शामिल होने से रोका जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर कार्रवाई करने को कहा गया है।

कॉलेजिएट शिक्षा आयुक्त ने अपने पत्र में 14 अगस्त को जारी सरकारी आदेश का भी हवाला दिया है। इस आदेश में छात्रों और युवाओं की विरोध-प्रदर्शनों में भागीदारी को रोकने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और संयुक्त कार्रवाई की बात कही गई थी।

'उठाए गए कदमों की जानकारी देने के निर्देश'

सरकार ने कॉलेजों को यह भी निर्देश दिए हैं कि वे इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी तुरंत कॉलेजिएट शिक्षा निदेशालय को भेजें। पत्र को 'अति आवश्यक' बताया गया है। यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। सरकार ने छात्रों और युवाओं के राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने को लेकर चिंता जताई है।

CJP ने बताया गैर संवैधानिक कदम

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने तमिलनाडु सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे गैर संवैधानिक बताया है। उन्होंने विजय सरकार से फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है। इस संबंध में सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, कोई भी सरकार किसी व्यक्ति के विरोध पर रोक नहीं लगा सकती है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है। बता दें कि कुछ समय पहले राज्य सरकार ने नीट से जुड़े पुराने मामले को वापस लेने के निर्देश दिए थे।

Updated on:
19 Aug 2026 12:40 pm
Published on:
19 Aug 2026 12:31 pm