
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन। (फोटो-ANI)
अमेरिका का साथ देने वाले खाड़ी देशों को ईरान ने खुली धमकी दी है। उसने कहा है कि अगर कोई अमेरिका की मदद करेगा तो उसे भी हमलावर माना जाएगा।
ईरान की सशस्त्र सेनाओं के चीफ ऑफ स्टाफ अली अब्दुल्लाही ने साफ कहा है कि क्षेत्र में अमेरिकी सेना की कोई भी मदद या सुविधा देना सीधा उनके साथ शामिल होना माना जाएगा।
अब्दुल्लाही ने खास तौर पर क्षेत्रीय ठिकानों पर बड़ी संख्या में सैन्य विमानों, खासकर ईंधन भरने वाले विमानों की मौजूदगी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इतने सारे विमान बिना मेजबान देशों की जानकारी के कैसे आ सकते हैं? कुछ भी उनकी नजरों से छिपा नहीं है।
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब क्षेत्र में तनाव पहले से ही काफी ज्यादा है। ईरान लंबे समय से अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को लेकर नाराज रहा है। खाड़ी देशों के साथ उसके रिश्ते भी उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं। कई देशों में अमेरिकी ठिकाने हैं और वहां से सैन्य कार्रवाई होती रहती है।
इस बीच, ईरान की धमकी और हमलों को ध्यान में रखते हुए यूएई ने घोषणा की है कि वह ईरान पर अनिश्चितकालीन व्यापार प्रतिबंध लगा रहा है। विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि तेहरान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा को कमजोर कर रहा है।
यह घोषणा यूएई के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी उस बयान के बाद की गई है जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने ईरान से यूएई की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया है।
हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया है। साथ ही कहा कि यह घटना एक फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन है।
उधर, अल जजीरा के साथ एक इंटरव्यू में, अमेरिकी विदेश विभाग के पूर्व असिस्टेंट सेक्रेटरी और रिटायर्ड जनरल मार्क किमिट ने कहा कि यूएई ईरान को आयातित सामान बेचने वाला सबसे बड़ा देश है और ईरान का एक-तिहाई आयात वहीं से आता है।
पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध से भी अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है। साथ ही मार्क ने यह भी चेतावनी दी कि ईरान इस वजह से यूएई के साथ युद्ध भी कर सकता है।
Updated on:
19 Aug 2026 01:45 pm
Published on:
19 Aug 2026 01:45 pm
