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US Iran War: डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत से किया इनकार, तेहरान का दावा-अमेरिका कर रहा था बातचीत की गुहार

Strait of Hormuz Crisis: होर्मुज जलडमरूमध्य इस पूरे संकट का सबसे अहम मोर्चा बन चुका है। यहां तनाव बढ़ने का सीधा असर तेल की कीमतों, समुद्री व्यापार और खाड़ी देशों के रिश्तों पर दिखाई दे रहा है।
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भारत

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Manoj Vashisth

Aug 19, 2026

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डोनाल्ड ट्रंप (फोटो सोर्स: ANI)

Trump Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव अब सिर्फ युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं है। बातचीत की संभावनाओं को लेकर दोनों देशों के दावों ने तनाव को और बढ़ा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि तेहरान के साथ फिलहाल कोई बातचीत न चल रही है और न ही तय है। दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का दावा है कि अमेरिकी दबाव काम नहीं आया और अब वॉशिंगटन ईरान की शर्तों पर वार्ता चाहता है।

US Iran War: डोनाल्ड ट्रंप बोले- कोई बातचीत नहीं

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान के साथ न तो कोई बातचीत हो रही है और न ही ऐसी कोई बैठक निर्धारित है। उन्होंने अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहने की बात दोहराई और दावा किया कि होर्मुज में मौजूद समुद्री बारूदी सुरंगों को हटा दिया गया है या निष्क्रिय कर दिया गया है।

हालांकि, इसी बीच ईरान और ओमान के बीच जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन को लेकर बातचीत जारी है। कतर समेत कुछ मध्यस्थ देश इसे अमेरिका और ईरान के बीच व्यापक बातचीत की दिशा में संभावित रास्ते के तौर पर देख रहे हैं।

तेहरान की शर्तों पर अड़ा ईरान

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर दबाव में आने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सैन्य और आर्थिक दबाव के बावजूद ईरान ने आत्मसमर्पण नहीं किया। तेहरान का रुख है कि किसी भी बड़े समझौते से पहले अमेरिकी नाकेबंदी, प्रतिबंध और सैन्य दबाव से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम जरूरी होंगे।

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने भी कहा है कि होर्मुज तब तक पूरी तरह नहीं खुलेगा, जब तक जून में हुए अंतरिम समझौते से जुड़ी शर्तें पूरी नहीं होतीं। इनमें नाकेबंदी हटाना, प्रतिबंधों में राहत और जमे हुए ईरानी फंड को जारी करना शामिल है।

UAE के साथ भी बढ़ा विवाद

इस बीच संयुक्त अरब अमीरात ने दावा किया कि ईरान से दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलें समुद्री यातायात की दिशा में आईं। एक UAE के क्षेत्रीय जल में गिरी, जबकि दूसरी समुद्र में जा गिरी। ईरान ने इस आरोप को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया। इसके बाद UAE ने ईरान के साथ व्यापार, वाणिज्यिक लेन-देन और वित्तीय गतिविधियां अगले आदेश तक रोक दी हैं।

तेल बाजार पर असर

होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। संकट बढ़ने के साथ तेल बाजार में भी हलचल तेज हुई है। ब्रेंट क्रूड करीब 91 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI भी 85 डॉलर से ऊपर रहा। विशेषज्ञों की चिंता है कि यदि समुद्री यातायात लंबे समय तक बाधित रहा तो ऊर्जा कीमतों और वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव और बढ़ सकता है।

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका और ईरान फिर से बातचीत की मेज पर लौटेंगे, या होर्मुज का संकट दोनों देशों को लंबे टकराव की ओर धकेल देगा।