Assembly Election Liquor Ban: भारत निर्वाचन आयोग ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल राज्यों में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।
Election Commission Dry Day Notification: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए शराब की बिक्री पर दो दिनों का पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मतदान से पहले घोषित इन ‘ड्राई डे’ का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
तमिलनाडु विधानसभा की सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल को एक ही दिन मतदान होगा। मतगणना 4 मई को होगी। चुनाव आयोग ने मतदान से पहले दो दिनों के लिए पूरे राज्य में शराब की बिक्री, वितरण और परोसने पर रोक लगा दी है। आज यानी 21 अप्रैल से शुष्क दिवस शुरू हो गया है और यह 22 अप्रैल तक चलेगा। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी शराब की दुकान, बार, होटल, क्लब या रेस्तरां इन दिनों शराब नहीं बेचेगा या परोस नहीं सकेगा।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का 29 अप्रैल को होगा। मतगणना 4 मई को होगी। दोनों चरणों से पहले दो-दो दिन का ड्राई डे घोषित किया गया है। आयोग के अनुसार, मतदान क्षेत्रों में 48 घंटे पहले से शराब की कोई भी बिक्री या वितरण नहीं हो सकेगा। राज्य सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि इस अवधि में सभी लाइसेंसधारियों को शराब बेचने की अनुमति न दी जाए।
‘ड्राई डे’ का अर्थ है पूर्ण शुष्क दिवस। इन दिनों किसी भी शराब की दुकान, होटल, क्लब, रेस्तरां या किसी भी सार्वजनिक-निजी स्थान पर शराब की बिक्री, वितरण या परोसना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध केवल बिक्री पर ही नहीं, बल्कि मादक पदार्थों के किसी भी रूप में उपलब्ध कराने पर भी लागू होता है। चुनाव आयोग के आदेश में साफ कहा गया है कि मतदान समाप्ति के निर्धारित समय तक 48 घंटे की अवधि में यह पाबंदी रहेगी। यह नियम मतगणना के दिन 4 मई को भी लागू होगा। उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निर्वाचन आयोग का मानना है कि शराब का प्रभाव मतदाताओं की स्वतंत्र इच्छा पर पड़ सकता है। इसलिए मतदान से पहले शुष्क दिवस घोषित कर मतदाताओं को बिना किसी दबाव या प्रलोभन के वोट देने का मौका दिया जाता है। दोनों राज्यों के प्रशासन ने इन आदेशों को लागू करने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से छापेमारी करेंगे।