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Tata Sons की लिस्टिंग पर Tata Trusts का बड़ा बयान, Noel Tata बोले- सिर्फ IPO नहीं, सभी विकल्पों पर हो विचार

Tata Sons की लिस्टिंग को लेकर Tata Trusts ने कहा कि उसने IPO पर सहमति नहीं दी है। Noel Tata ने 100 साल पुरानी Tata Group संरचना को बनाए रखने की बात कही और सभी विकल्पों पर विचार करने की जानकारी दी।
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Sep 17, 2026
Tata Sons news
Tata Trusts का बड़ा बयान(फोटो-IANS)

Tata Sons की संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग को लेकर Tata Trusts ने अपना रुख साफ किया है। Trusts ने कहा है कि उसने Tata Sons को सार्वजनिक रूप से लिस्ट कराने यानी शेयर बाजार में लिस्ट कराने पर सहमति नहीं दी है। Tata Trusts के चेयरमैन नोएल टाटा ने भी कंपनी की एक सदी से ज्यादा पुरानी संरचना को बनाए रखने की बात दोहराई है। Tata Trusts के मुताबिक, 17 सितंबर की Tata Sons बोर्ड बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कम्युनिकेशन पर चर्चा हुई। बोर्ड ने कहा कि सिर्फ लिस्टिंग ही नहीं, बल्कि सभी उपलब्ध विकल्पों का तुरंत और विस्तार से अध्ययन किया जाना चाहिए। इसके बाद उनके निष्कर्ष और सुझाव बोर्ड के सामने रखे जाएंगे।

Noel Tata ने लिस्टिंग को लेकर क्या कहा?

Tata Sons को भेजे अपने बयान में Noel Tata ने कहा कि बोर्ड ने लिस्टिंग के मुद्दे पर पहले ही फैसला कर लिया है और इस तरह के मामले में डाक्यूमेंट्स, स्पष्टीकरण और कानूनी सलाह की जरूरत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि RBI के आदेश में लिस्टिंग का जिक्र नहीं है। उनके मुताबिक, RBI ने कोई खास कदम उठाने का निर्देश भी नहीं दिया है और यह भी नहीं कहा है कि Tata Sons ने किसी नियम का उल्लंघन किया है। Noel Tata ने कहा कि RBI के आदेश का कानूनी प्रभाव क्या है और कंपनी से क्या अपेक्षा की गई है, इस पर बोर्ड ने अभी कोई राय नहीं बनाई है।

लिस्टिंग से Tata Group की संरचना पर क्या असर पड़ सकता है?

Noel Tata ने लिस्टिंग को लेकर अपनी चिंता भी सामने रखी। उनका कहना है कि अगर Tata Sons शेयर बाजार में लिस्ट होती है, तो कंपनी को संस्थागत और विदेशी निवेशकों के प्रति भी जवाबदेह होना पड़ेगा, जिनका स्वाभाविक हित वित्तीय रिटर्न में होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे निवेशक किसी संकट में फंसी ग्रुप कंपनी को बचाने के लिए पूंजी लगाने या ऐसे नए प्रोजेक्ट में निवेश की अनुमति देंगे, जिसका रिटर्न 15 साल बाद मिलने की संभावना हो। उनके मुताबिक, यह निवेशकों की आलोचना नहीं है, बल्कि उनके दायित्व और Tata Group की मौजूदा संरचना के बीच अंतर को बताता है। Noel Tata ने कहा कि यहां Tata Group की एक विशिष्ट संस्था के रूप में प्रकृति और चरित्र का सवाल जुड़ा है।

RBI के नियमों के पालन की दिशा में बढ़ा Tata Sons

यह पूरा घटनाक्रम Tata Sons की ओर से RBI के नियामकीय ढांचे का पालन करने के फैसले के बाद सामने आया है। Tata Sons बोर्ड ने 17 सितंबर की बैठक में लागू RBI दिशानिर्देशों के तहत अनुपालन की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया। कंपनी ने कहा कि वह लागू नियमों के तहत जरूरी अनुपालन को लेकर RBI, Tata Trusts और अन्य संबंधित पक्षों से मार्गदर्शन लेगी। इससे पहले Tata Sons ने RBI के Core Investment Company (CIC) के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की कोशिश की थी। RBI ने कंपनी के इस आवेदन को खारिज कर दिया था। इसके बाद कंपनी ने नियामकीय ढांचे के तहत आगे बढ़ने का फैसला किया।

Updated on:
17 Sept 2026 09:52 pm
Published on:
17 Sept 2026 09:46 pm