
CJP Jantar Mantar Protest:दिल्ली प्रोटेस्ट को लेकर जहां मोदी सरकार की आलोचना हो रही है। वहीं, एनडीए के दो सबसे बड़े सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और जनता दल (U) इस बारे में खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। हालांकि, TDP के कुछ नेताओं का यह जरूर कहना है कि दिल्ली में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों को कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं माना जाना चाहिए। प्रदर्शनकारी युवा हैं जो अपनी बात रखना चाहते हैं। इस स्थिति से निपटने का सही तरीका उन्हें सही रास्ते पर ले जाना है।
एक TDP नेता ने कहा कि पार्टी सार्वजनिक रूप से अपना रुख स्पष्ट नहीं करेगी क्योंकि इस मुद्दे पर NDA की कोई बैठक नहीं हुई है। पार्टी में भी इस मुद्दे पर कोई आंतरिक बैठक नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही बैठक हो सकती है। वहीं, टीडीपी के कुछ अन्य नेताओं का कहना है कि विरोध-प्रदर्शनों ने राजनीतिक रूप ले लिया है। सड़कों पर प्रदर्शन इसलिए हो रहे हैं क्योंकि कुछ लोग नहीं चाहते कि संसद में कुछ खास बिल पेश किए जाएं। इनमें FCRA और MSME बिल शामिल हैं। इन बिलों का संबंध युवाओं से भी है।
उधर, जनता दल (यू) भी इस मुद्दे पर बेहद संतुलित भाषा इस्तेमाल कर रही है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार का कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा NEET पेपर लीक के लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद छात्रों को संयम बरतना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम छात्रों के साथ पूरी तरह से सहानुभूति रखते हैं, लेकिन उन्हें उपद्रवियों और शरारती तत्वों से सावधान रहना चाहिए। अपने निजी स्वार्थ वाले कई समूह गड़बड़ी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन के समर्थन में बिहार में भी कई जगह विरोध-प्रदर्शन हुआ। इस दौरान, हिंसा की खबर भी सामने आई। कटिहार, दरभंगा और बेगूसराय में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।
बिहार BJP के उपाध्यक्ष संतोष पाठक ने कहा कि हम मानते हैं कि पेपर लीक हुआ था और हम छात्रों के साथ सहानुभूति रखते हैं। हालांकि, छात्रों को राजनेताओं या पुलिस के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। केंद्र सरकार ने पहले ही इस मामले पर संज्ञान ले लिया है और छात्रों को अब धैर्य रखना चाहिए। गौरतलब है कि दिल्ली में कॉकोरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन को लेकर विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है। खासकर 20 जुलाई को जिस तरह पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया, उसे लेकर सरकार की जमकर आलोचना हो रही है।