
Asaduddin Owaisi Letter Telangana CM: तेलंगाना में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सर्वे पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को एक पत्र लिखा है। हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने सोमवार को मतांग की है कि रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार राज्य के लोगों को स्थायी निवास प्रमाण पत्र (पीआरसी) जारी करे। ताकि दस्तावेजीकरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सके और भविष्य में प्रशासनिक बाधाओं से बचा जा सके।
असदुद्दीन ओवैसी ने सक्रिय दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करने का इंतजार करने के बजाय तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
ओवैसी ने X पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा कि मैं जनवरी के बाद मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांग रहा हूं, इससे पहले हम एक बार हज शिविर में मिले थे, जिसके बाद से वे बहुत व्यस्त हैं। लेकिन अगर सत्ताधारी दल इस तथ्य को नहीं समझता कि तेलंगाना के गरीबों के पास दस्तावेज नहीं हैं, तो वे वास्तविकता से पूरी तरह कटे हुए हैं। यहां भाजपा के दो सांसद केंद्रीय मंत्री हैं, वे जाकर भारत निर्वाचन आयोग से पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा कार्ड स्वीकार करने के लिए क्यों नहीं कह सकते? सत्ताधारी दल इस बारे में बात नहीं कर रहा है, इसलिए हम तेलंगाना सरकार से मांग करते हैं कि आप तेलंगाना में तत्काल स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करें।
हैदराबाद के सांसद ने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार कोई कदम नहीं उठाती है, तो बाद में भी कोई प्रतिक्रिया न दें जब गरीबों के नाम (मतदाता सूची से) हटा दिए जाएंगे। तेलंगाना राष्ट्र समिति अजीब है। आप मुख्य विपक्षी दल हैं। आप 10 साल तक सत्ता में रहे। तेलंगाना में सूचीबद्ध बारह दस्तावेजों में से तीन दस्तावेजों की अनुपलब्धता के संबंध में चुनाव आयोग को लिखें।
पड़ोसी राज्य से तुलना करते हुए ओवैसी ने कहा कि चूंकि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से ही अपने नागरिकों को स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी कर रही है, इसलिए तेलंगाना सरकार भी इसी तरह का दृष्टिकोण अपना सकती है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस है। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद, 'देखो, साजिश हुई है' जैसे बहाने मत बनाओ। अगर साजिश हो रही है, तो उसका हल निकालो! हल यह है कि आप स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करें। कर्नाटक में, जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां ये जारी किए जा रहे हैं। यहां क्यों नहीं किए जा रहे? अफसोस की बात यह है कि बार-बार कहने के बावजूद, कांग्रेस सरकार सिर्फ बैठकें कर रही है।