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India Double US LPG Imports: अमेरिका और ईरान में बीच शुरू हुए युद्ध के बाद देशभर में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी गैस का संकट छाया गया था। भारत में भी इसका असर देखने को मिला। देश के कई राज्यों में एलपीजी गैस की भारी किल्लत देखने को मिली। रसोई गैस की सप्लाई को लेकर भारत सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, देश की सरकारी तेल कंपनियां अब अमेरिका से एलपीजी की खरीद को मौजूदा स्तर से दोगुना करने की तैयारी कर रही हैं। इससे गल्फ देशों (मध्य पूर्व) पर निर्भरता कम होगी।
भारत प्रति वर्ष अमेरिका से करीब करीब 22 लाख टन (2.2 मिलियन टन) एलपीजी खरीदता है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार अब इसको दोगुना करने की योजना बना रही है। बताया जा रहा है कि भारत अल्जीरिया जैसे अन्य देशों से भी एलपीजी आयात बढ़ाने जा रहा है। भारत सरकार के इस कदम से गैस सप्लाई के लिए किसी एक क्षेत्र पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
आपको बता दें कि पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और ईरान-इजरायल-अमेरिका से जुड़े घटनाक्रम के दौरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से निकलने वाले अधिकांश एलपीजी जहाज प्रभावित हुए। रसोई गैस की उपलब्धता का लेकर भारत भी काफी चिंतत था। ऐसे मुश्किल समय में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा वैकल्पिक एलपीजी सप्लायर बनकर उबरा।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, कच्चे तेल की उपलब्धता की बजाय, एलपीजी की सप्लाई प्रभावित होने का ज्यादा खतरा बना हुआ था। दुनिया में गल्फ देशों के अलावा बहुत कम देश एलपीजी की उत्पादन कर रहे थे। ऐसे समय में अमेरिका से अतिरिक्त सप्लाई मिलने से भारत को बड़ी राहत मिली।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि तेल विपणन कंपनियों एक महीने का स्ट्रेटजिक LPG रिजर्व तैयार करने की योजना पर काम करे। ताकि भविष्य में किसी वजह से आयात में रुकावट या ज्यादा समय लगे तो 30 दिनों तक रसोई गैस की सप्लाई बिना किसी परेशानी को जारी रह सके। यह नया स्ट्रेटजिक रिजर्व पहले से मौजूद 45 दिनों के सामान्य स्टॉक के अतिरिक्त होगा।
Updated on:
06 Jul 2026 06:41 pm
Published on:
06 Jul 2026 06:11 pm
