
Telegram Ban: केंद्र सरकार के टेलीग्राम पर अस्थायी रूप से बैन लगाए जाने के फैसले के खिलाफ कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सरकार ने यह फैसला नीट री-एग्जाम से पहले सुरक्षा कारणों से लिया था। वहीं कंपनी का कहना है कि इस फैसले से उसके करोड़ों यूजर्स प्रभावित हो रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर आज ही सुनवाई करने के लिए सहमति दे दी है।
सरकार के आदेश के बाद गूगल ने अपने प्ले स्टोर से टेलीग्राम ऐप हटा दिया है। जानकारी के अनुासर एप्पल भी जल्द ऐसा ही कदम उठा सकती है। सरकार का कहना है कि परीक्षा के समय सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए फर्जी पेपर और गलत जानकारी तेजी से फैल सकती है। इसी को रोकने के लिए फिलहाल टेलीग्राम पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है, ताकि परीक्षा बिना किसी गड़बड़ी के कराई जा सके।
टेलीग्राम के संस्थापक और सीईओ पावेल दुरोव ने सरकार के इस फैसले को सही नहीं बताया है। उन्होंने कहा कि किसी एक ऐप पर रोक लगाने से असली समस्या खत्म नहीं होगी, क्योंकि गलत काम करने वाले लोग दूसरे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने लगेंगे। दुरोव के मुताबिक, इस फैसले का असर आम लोगों पर ज्यादा पड़ रहा है।
पावेल दुरोव ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत में टेलीग्राम के करीब 15 करोड़ यूजर्स हैं और इस रोक का असर उन सभी पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से समस्या एक ऐप से दूसरे ऐप पर चली जाती है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं होती।
बता दें कि 21 जून को होने वाले NEET UG री-एग्जाम को देखते हुए सरकार ने 22 जून तक टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाई है और इसी के तहत गूगल ने ऐप को प्ले स्टोर से हटा दिया है।
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