
पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है। इसी बीच सोमवार को गृह मंत्रालय ने कई राज्यों को नागरिक सुरक्षा तैयारियों को बढ़ाने के लिए 7 मई को मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने राज्यों को हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन चालू करने और शत्रुतापूर्ण हमले की स्थिति में खुद को बचाने के लिए नागरिकों को प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया। बता दें कि पिछली बार ऐसी मॉक ड्रिल 1971 में आयोजित की गई थी।
1- हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन का संचालन।
2- शत्रुतापूर्ण हमले की स्थिति में स्वयं की रक्षा के लिए नागरिक सुरक्षा पहलुओं पर नागरिकों, छात्रों आदि को प्रशिक्षण देना।
3- ब्लैकआउट की व्यवस्था।
4- महत्वपूर्ण संयंत्रों/प्रतिष्ठानों को समय से पहले ही छिपाने के उपाय किए जाएंगे।
5- साथ ही लोगों को निकालने की योजना और उसका अभ्यास किया जाएगा।
बता दें कि इस मॉक ड्रिल का मकसद किसी भी अपात स्थिति के लिए लोगों को तैयार करना है।
बता दें कि 22 अप्रेल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई। यह हमला 2019 के पुलवामा बम हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक है। भारत ने हमले के अपराधियों को पकड़ने की कसम खाई है।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर कई सख्त कदम उठाए है। इस हमले को लेकर पीएम मोदी लगतार अधिकारियों और मंत्रियों के साथ बैठक कर रहे हैं। वहीं पिछले दिनों पीएम मोदी ने तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में पीएम मोदी ने सेना को खुली छूट भी दी थी।
वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने आतंकियों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को अंजाम देने और इसकी साजिश रचने वालों को ऐसी सजा मिलेगी जिसकी वे कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा कि आप जो चाहते हैं वह निश्चित रूप से होगा।