पश्चिम बंगाल के गोसाबा में टीएमसी कार्यकर्ता पर गोलीबारी के मामले में तीन बीजेपी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई है। घटना के बाद टीएमसी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और पुलिस जांच जारी है।
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। गोसाबा इलाके में हुई गोलीबारी की घटना ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन बीजेपी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है, जिन पर टीएमसी कार्यकर्ता पर हमला करने का आरोप है।
रविवार रात गोसाबा के शंभुनगर ग्राम पंचायत क्षेत्र में यह घटना हुई थी। पुलिस के अनुसार, टीएमसी कार्यकर्ता दिव्येंदु गायेन अपने साथी पलाश मंडल के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए चार-पांच हमलावरों ने उन पर गोली चला दी। गोली लगने से गायेन घायल हो गए और उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में कोलकाता के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ता बताया जा रहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, शिकायत के आधार पर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा और मामले की जांच जारी है। घटना के बाद टीएमसी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि यह हमला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। टीएमसी के अनुसार, इलाके में बीजेपी की मजबूत उपस्थिति नहीं है, इसलिए उनके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
वहीं, बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे टीएमसी के अंदरूनी विवाद का परिणाम बताया है। बीजेपी नेताओं का दावा है कि यह घटना गुटबाजी का नतीजा है और पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इस बयानबाजी ने पूरे मामले को और ज्यादा राजनीतिक रंग दे दिया है। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर राज्य में राजनीतिक हिंसा और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घायल टीएमसी कार्यकर्ता का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।