
TMC Crisis: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी सियासी संकट लगातार गहराता जा रहा है। पार्टी के कई सांसदों और विधायकों के बगावती रुख ने पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसी बीच TMC सांसद कीर्ति आजाद ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन पर दबाव बनाया जा रहा है और उनकी सुरक्षा तक हटा दी गई है। उन्होंने साफ कहा कि वह किसी भी हाल में ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ेंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब पार्टी के भीतर टूट और असंतोष खुलकर सामने आने लगा है।
TMC सांसद कीर्ति आजाद ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अब वह मुझ पर दबाव बना रहे है। उन्होंने मेरी सुरक्षा भी हटा दी है। अगर हटा दी है तो हटाने दीजिए, हम लड़ेंगे। हम चूहे नहीं है जो मुश्किल समय में भाग जाएं। हम वह लोग है जो बुरे वक्त में साथ खड़े रहते है। दीदी ने हमारे लिए बहुत कुछ किया है, हम उन्हें धोखा नहीं दे सकते। उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कई लोग 30-40 साल तक राजनीति में रहे, कई बार सांसद बने, लेकिन अब उनका असली सोच सामने आ रहा है।
विधानसभा स्तर पर भी संकट कम नहीं है। निष्कासित विधायक रितब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि TMC के 80 विधायकों में से 58 विधायकों को विधानसभा में पार्टी के विधायी दल के रूप में मान्यता मिल चुकी है। इसे ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। ममता बनर्जी विधानसभा में सुवेंदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाए रखने के पक्ष में है, लेकिन बगावती विधायकों का रुख अलग दिखाई दे रहा है।
इसी बीच टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी पार्टी नेतृत्व पर खुलकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वह अब अभिषेक बनर्जी के मामलों में वकील के तौर पर अदालत में पेश नहीं होंगे। कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी के अहंकारी रवैये ने पार्टी को इस संकट में पहुंचाया है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर अभिषेक बनर्जी पार्टी में रहे तो टीएमसी का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। इससे साफ है कि पार्टी के भीतर का संकट अब खुलकर सामने आ चुका है।