
Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने दावा किया है कि ममता बनर्जी के साथ लंबे समय से तैनात निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) को अचानक उनके कोलकाता स्थित आवास से हटा दिया गया।
डेरेक ओ'ब्रायन ने बुधवार रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि यह घटना रात करीब 9:30 बजे की है। उनके मुताबिक, उस समय ममता बनर्जी अपने घर के भीतर मौजूद थीं, लेकिन आवास के मुख्य प्रवेश द्वार पर कोई सुरक्षा कर्मी दिखाई नहीं दे रहा था। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
टीएमसी सांसद का कहना है कि स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपनी कार आवास के गेट के सामने खड़ी कर दी, ताकि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की आवाजाही को रोका जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया गया है और इस मुद्दे को लेकर पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी जानकारी शेयर की जाएगी।
इस घटनाक्रम के बाद तृणमूल कांग्रेस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की है। पार्टी नेताओं का मानना है कि इतने महत्वपूर्ण राजनीतिक व्यक्तित्व की सुरक्षा में किसी भी तरह की ढिलाई गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। हालांकि, अब तक सुरक्षा एजेंसियों या राज्य प्रशासन की ओर से इस आरोप पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि सुरक्षा अधिकारी को हटाने के पीछे कोई प्रशासनिक कारण था या फिर यह किसी नियमित प्रक्रिया का हिस्सा था।
इस विवाद से कुछ समय पहले ममता बनर्जीने राज्य में हॉकरों के मुद्दे को लेकर बीजेपी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया था। तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया था कि ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर एक शांतिपूर्ण मार्च का नेतृत्व किया। यह प्रदर्शन कथित तौर पर हॉकरों को जबरन और अनुचित तरीके से हटाने की कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया गया था। पार्टी ने अपने मैसेज में कहा था कि आम लोगों के हित, सम्मान और रोजगार की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। टीएमसी का दावा है कि हॉकरों के अधिकारों की रक्षा के लिए वह लगातार आवाज उठाती रहेगी और इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रहेगा।