
Ritabrata Banerjee: पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी खींचतान खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष और बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सांसद कोयल मलिक के इस्तीफे के बाद टीएमसी से और भी नेता अलग हो सकते हैं।
गुरुवार को मीडिया से बातचीत में ऋतब्रत बनर्जी ने आरोप लगाया कि टीएमसी के भीतर तानाशाही और एकतरफा फैसलों की संस्कृति ने आंतरिक लोकतंत्र को कमजोर कर दिया है। ऋतब्रत का कहना था कि लोकतंत्र संवाद से चलता है, जबकि पार्टी में संवाद की जगह एकतरफा फैसले हावी हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी कई वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़ चुके हैं और अब रुक्मिणी कोएल मलिक के इस्तीफे के बाद यह सिलसिला आगे भी बढ़ सकता है। उनके मुताबिक, पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और आने वाले समय में कई अन्य नेता भी बागी गुट का रुख कर सकते हैं।
गुरुवार को राज्यसभा सांसद कोयल मलिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले टीएमसी के पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक भी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो चुके हैं। बाद में भाजपा ने उन्हें राज्यसभा उपचुनाव में उम्मीदवार भी बनाया।
इन घटनाक्रमों के बीच ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़ने की इच्छा रखने वाले नेताओं को खुली छूट देते हुए कहा कि जो लोग दबाव में हैं या जाना चाहते हैं, वे 21 जुलाई के 'शहीद दिवस' कार्यक्रम से पहले अपना फैसला ले लें। उन्होंने सोशल मीडिया साइट 'X' पर जारी वीडियो में बताया कि अभिनेत्री से नेत्री बनीं कोयल मलिक ने राज्यसभा से इस्तीफा देने से पहले ईमेल के जरिए पार्टी नेतृत्व को इसकी जानकारी दी थी। ममता ने कहा कि संविधान हर व्यक्ति को अपनी पसंद का राजनीतिक फैसला लेने का अधिकार देता है। वहीं ममता बनर्जी ने प्रशासन से 21 जुलाई को होने वाले 'शहीद दिवस' कार्यक्रम के दौरान निष्पक्ष रहने की अपील की।