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TMC Crisis: ममता बनर्जी गुट को कोर्ट से झटका, रीतब्रत बने रहेंगे नेता प्रतिपक्ष,बैंक अकाउंट फ्रीज करने की मांग

Mamata Banerjee: टीएमसी में बढ़ती अंतर्कलह के बीच कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी गुट को झटका दिया है। कोर्ट ने बागी विधायक रितब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष मान्यता देने के फैसले पर रोक से इनकार कर दिया। वहीं पार्टी फंड, बैंक खातों और ममता की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विवाद गहरा गया है।
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Updated: 19 Jun 2026, 4:37 AM IST
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ममता बनर्जी (फोटो-IANS)

TMC: टीएमसी में अंतर्कलह के बीच कलकत्ता उच्च न्यायालय से ममता बनर्जी गुट को बड़ा कानूनी झटका लगा है। कोर्ट ने विधानसभा स्पीकर रथिन बोस के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है, जिसमें उन्होंने बागी टीएमसी विधायक रितब्रत बनर्जी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दी थी। ममता बनर्जी के करीबी और वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने स्पीकर के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि, जस्टिस कृष्ण राव ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में अंतरिम राहत का कोई ठोस आधार नहीं बनता है और संतुलन याचिकाकर्ता के पक्ष में नहीं है। कोर्ट ने नोट किया कि स्पीकर के सामने बागी गुट के पास स्पष्ट बहुमत था, जबकि शोभनदेव चट्टोपाध्याय की ओर से सौंपे गए प्रस्ताव में हस्ताक्षरों के फर्जी होने के आरोपों की पुलिस जांच चल रही है।

पार्टी के ट्रेजरर ने की बैंक अकाउंट फ्रीज करने की मांग


टीएमसी के बीच चल रही लड़ाई अब आर्थिक मोर्चे तक पहुंच गई है। पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास ने निजी बैंक एचडीएफसी को पत्र लिखकर पार्टी के सभी बैंक खातों से होने वाले सभी डेबिट लेन-देन को तुरंत फ्रीज करने की मांग की है। विश्वास का कहना है कि पार्टी के भीतर जारी लीडरशिप विवाद और बगावत के कारण फंड्स के दुरुपयोग का भारी खतरा है। उनके कोषाध्यक्ष रहते हुए जारी किए चेकों का दुरुपयोग हो सकता है।

20 साल पुराने सुरक्षाकर्मियों को हटाया


पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार, उनकी सुरक्षा में पिछले करीब 20 वर्षों से तैनात भरोसेमंद पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स (पीएसओ) को हटाकर उनके मूल विभागों में वापस भेज दिया गया है। इस फैसले को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। वहीं, ममता बनर्जी ने भी नए सुरक्षाकर्मियों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में नाराजगी देखने को मिली। देर रात टीएमसी नेताओं और समर्थकों ने ममता बनर्जी के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और फैसले को वापस लेने की मांग उठाई। सुरक्षा व्यवस्था में इस बदलाव को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

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19 Jun 2026, 4:37 AM IST
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