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‘यह वरिष्ठ वकील पर सीधा हमला है’, CID का फोन आने के बाद भड़के TMC सांसद कल्याण बनर्जी

Kalyan Banerjee: वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बंद्योपाध्याय ने गुरुवार को कहा कि उन्हें एक आपराधिक मामले के संबंध में राज्य सीआईडी ​​से फोन आया था।
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कोलकाता

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Shaitan Prajapat

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Updated: 18 Jun 2026, 8:56 PM IST

Kalyan Banerjee

वरिष्ठ अधिवक्ता और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी

Senior Advocate Kalyan Bandyopadhyay CID Interrogation Call: पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर छिड़ा आंतरिक राजनीतिक घमासान अब कानूनी गलियारों में एक बेहद गंभीर विवाद में तब्दील हो गया है। 'बार एंड बेंच' की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने राज्य सीआईडी (CID) द्वारा उन्हें पूछताछ के लिए फोन किए जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इस पुलिसिया कार्रवाई को एक सांसद और अदालत में केस लड़ रहे एक सीनियर एडवोकेट के विशेषाधिकारों और गरिमा पर सीधा हमला करार दिया है।

क्या है पूरा मामला और फर्जी हस्ताक्षर विवाद?

यह पूरा विवाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर पैदा हुए नेतृत्व संकट और विभाजन से जुड़ा है। चुनावी नतीजों के बाद 6 मई को टीएमसी विधायकों की एक बैठक बुलाई गई थी, जिसमें शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) के रूप में नामित करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इस फैसले को बाद में विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) के पास भेजा गया था।

हालांकि, बाद में दो विधायकों ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्होंने इस प्रस्ताव पर कभी हस्ताक्षर नहीं किए और उनके जाली हस्ताक्षर (Signature Forgery) किए गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने इस शिकायत को जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया, जिसके बाद राज्य सीआईडी (CID) ने इस आपराधिक मामले की जांच शुरू की।

हाई कोर्ट में पैरवी और सीआईडी का बुलावा

वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी कलकत्ता हाई कोर्ट में अपनी ही पार्टी के सहयोगी शोभनदेब चट्टोपाध्याय का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस याचिका में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता देने के फैसले को चुनौती दी गई है।

कल्याण बनर्जी ने बताया कि जिस दिन कलकत्ता हाई कोर्ट ने स्पीकर के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार किया, उसी दिन दोपहर में सीआईडी के एक अधिकारी ने उन्हें फोन कर इस जालसाजी मामले में पूछताछ करने की इच्छा जताई। इतना ही नहीं, जब वे घर पर नहीं थे, तब कुछ पुलिस अधिकारी उनके आवास पर भी पहुंचे थे।

कल्याण बनर्जी का तीखा पलटवार और बार एसोसिएशन को पत्र

इस कार्रवाई से नाराज कल्याण बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि उनका इस आपराधिक मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं इस मामले में सिर्फ अदालत के सामने कानूनी बहस कर रहा हूं। मैं कोई विधायक नहीं हूं और न ही मैंने उस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। जिन लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं, उनके बारे में रिट याचिका में पहले ही चर्चा हो चुकी है। अगर पुलिस को कुछ कहना था, तो वे अदालत के सामने अपनी बात रख सकते थे।