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Bhagwant Mann: ‘भगवंत मान वीडियो में जो कर रहे हैं, वह बहुत बड़ा पाप है’, पंजाब सीएम पर भड़के बीजेपी मंत्री

Punjab Politics: अकाल तख्त द्वारा भगवंत मान को 'गुरु द्रोही' घोषित किए जाने के बाद पंजाब की राजनीति में विवाद तेज हो गया है। बीजेपी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है, जबकि आम आदमी पार्टी और खुद भगवंत मान ने फॉरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोपों को खारिज किया है।

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भारत

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Anurag Animesh

Jun 19, 2026

bjp on Bhagwant Mann Video Controversy

भगवंत मान(फोटो-IANS)

Bhagwant Mann Video Controversy: पंजाब की राजनीति गरमाई हुई है। सिख धार्मिक जगत में एक नया विवाद सामने आया है। सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर बड़ा फैसला सुनाया था। अकाल तख्त ने उन्हें 'गुरु द्रोही' और 'खालसा पंथ विरोधी' करार देते हुए सिख समुदाय से उनसे दूरी बनाने की अपील की है। इस फैसले के बाद राज्य का राजनीतिक माहौल गरमा गया है और विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।
अमृतसर में आयोजित पांच सिंह साहिबान की बैठक के बाद अकाल तख्त की ओर से यह फैसला सुनाया गया। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि एक कथित आपत्तिजनक वीडियो से जुड़े मामले में यह धार्मिक निर्णय लिया गया है। उनके अनुसार, यह मामला सिख भावनाओं से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर गंभीर रुख अपनाया गया है।

बीजेपी सीएम भगवंत मान पर हमलावर


बीजेपी लगातार सीएम भगवंत मान को इस मुद्दे पर घेर रही है। दिल्ली सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता मजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि उस वीडियो से यह साफ हो गया है कि वीडियो में सचमुच भगवंत मान ही हैं। आज उस होटल और उस शहर का नाम भी सामने आ गया है, जहां यह सब हुआ। आगे उन्होंने कहा कि भगवंत मान उस वीडियो में जो कर रहे हैं, वह बहुत बड़ा पाप है। इसका प्रायश्चित कैसे हो सकता है? मुझे हैरानी है कि पछतावा दिखाने के बजाय, आज वह इससे इनकार कर रहे हैं। जो लोग शराब पीकर गुरुद्वारे जाते हैं, जो लोग शराब पीकर ऐसी हरकतें कर सकते हैं, मैं उनकी कड़ी निंदा करता हूं।

आप ने क्या कहा?


हालांकि आम आदमी पार्टी ने अकाल तख्त के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी का कहना है कि जिस वीडियो को आधार बनाकर मुख्यमंत्री को निशाना बनाया जा रहा है, उसमें दिखाई देने वाला व्यक्ति भगवंत मान नहीं हैं। आप नेताओं ने दावा किया कि वीडियो की दो अलग-अलग फॉरेंसिक जांच करवाई गई, जिनमें मुख्यमंत्री की पहचान की पुष्टि नहीं हुई। पार्टी के मुताबिक जांच के दौरान वीडियो के 1191 फ्रेम का बारीकी से अध्ययन किया गया। रिपोर्ट में चेहरे की बनावट, शरीर की संरचना, लंबाई और अन्य शारीरिक विशेषताओं की तुलना की गई। जांच में पाया गया कि वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति की लंबाई लगभग 5 फुट 10 इंच है, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान की लंबाई करीब 5 फुट 8 इंच है। इसके अलावा साइड प्रोफाइल, बैक प्रोफाइल, कंधों की बनावट और चलने-फिरने के तरीके में भी अंतर पाया गया।

आम आदमी पार्टी ने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट साफ तौर पर बताती है कि वायरल वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मुख्यमंत्री नहीं है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह पूरी घटना राजनीतिक और धार्मिक माहौल को प्रभावित करने की एक सुनियोजित साजिश है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी रखा पक्ष


मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि विवादित वीडियो में नजर आने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ फैलाए जा रहे दावे तथ्यहीन हैं और उन्हें बदनाम करने की एक सोची-समझी कोशिश की जा रही है। मान का कहना है कि कुछ राजनीतिक दल और विरोधी समूह जानबूझकर उनकी छवि खराब करने में लगे हुए हैं।