
TMC: टीएमसी छोड़ बीजेपी में जाने वालों नेताओं का क्रम खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। तृणमूल कांग्रेसके वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। उनके साथ TMC की पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बारिक भी BJP में शामिल हो गए। बीजेपी में शामिल होने के बाद सुखेंदु शेखर रॉय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर तीखा हमला बोला, जबकि TMC नेता कुनाल घोष ने उनके आरोपों का जवाब देते हुए पलटवार किया। कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल BJP के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने तीनों नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई। पार्टी ने इसे बंगाल की राजनीति में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम बताया।
बीजेपी में शामिल होने के बाद सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हालिया चुनाव में 96-97 प्रतिशत मतदान होना असामान्य है। उन्होंने दावा किया कि इससे स्पष्ट है कि राज्य की राजनीति निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा की ममता बनर्जी खत्म हो चुकी हैं और उनकी पार्टी भी समाप्त हो गई है। अब इस पर आगे चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है। रॉय ने आरोप लगाया कि अन्य राज्यों में सत्ता पक्ष और विपक्ष विकास के मुद्दों पर केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करते हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में बंद, हड़ताल और विरोध प्रदर्शनों की राजनीति को प्राथमिकता दी गई।
सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि इस राजनीति की वजह से बंगाल की तीन पीढ़ियां प्रभावित हुईं और जिनके पास अवसर थे, वे राज्य छोड़कर चले गए। उनका आरोप था कि जब देश के अधिकांश राज्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन के साथ आगे बढ़ रहे थे, तब पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि लुटेरों और दुष्कर्म के आरोपियों को बचाने की राजनीति का अंत होना तय था।
पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने बीजेपी में शामिल होने के बाद कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक राष्ट्रीय पार्टी है और वह किसी राज्यसभा सीट की उम्मीद लेकर पार्टी में नहीं आई हैं। उन्होंने कहा कि वह पश्चिम बंगाल की पूर्व सांसद के रूप में राज्य के लोगों के लिए काम करने की भावना से बीजेपी में शामिल हुई हैं।
सुखेंदु शेखर रॉय के बीजेपी में शामिल होने पर TMC नेता कुनाल घोष ने कहा कि सभी जानते हैं कि 2011 से पहले सुखेंदु शेखर रॉय कभी सांसद या विधायक नहीं बने थे। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने उनका सम्मान करते हुए उन्हें राज्यसभा भेजा था। कुनाल घोष ने कहा कि जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी। अब उनके BJP में जाने को जनता देख रही है और उसका आकलन भी करेगी।