
पश्चिम बंगाल (West Bengal) में टीएमसी (TMC) नेताओं के खिलाफ कार्रवाई जारी है। शुभेन्दु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के सीएम बनने के बाद से ही राज्य में भ्रष्टाचार में लिप्त टीएमसी के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया और अब इसमें एक और नाम जुड़ गया है। हम बात कर रहे हैं सब्यसाची दत्ता (Sabyasachi Dutta) की, जिन्हें 8 जून को देर रात राजारहाट स्थित उनके फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें बिधाननगर उत्तर थाना की पुलिस ने गिरफ्तार किया।
सब्यसाची को करोड़ों की जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सॉल्ट लेक के एक व्यवसायी ने सब्यसाची पर आरोप लगाया कि टीएमसी नेता ने उससे लगभग 1 करोड़ 5 लाख रूपए की जबरन वसूली की। शिकायतकर्ता ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत भी पुलिस स्टेशन में जमा कराए, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने पहले राजारहाट फ्लैट पर जाकर सब्यसाची से पूछताछ की और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है।
सब्यसाची ने अपने खिलाफ लगे आरोप से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें गिरफ्तार करवाया गया है।
59 वर्षीय सब्यसाची टीएमसी के वरिष्ठ नेता हैं। सब्यसाची टीएमसी के प्रभावशाली स्थानीय नेता माने जाते हैं और बिधाननगर के साथ ही न्यू टाउन क्षेत्र में भी उनका काफी प्रभाव है। वह राजारहाट न्यू टाउन विधानसभा क्षेत्र से 2011 से 2021 तक दो बार विधायक रह चुके हैं। 2015 में वह बिधाननगर म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के पहले मेयर बने। 2019 में सब्यसाची ने टीएमसी का साथ छोड़ दिया था और अमित शाह की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हो गए थे। उन्हें बंगाल में बीजेपी का सचिव भी बनाया गया था। बीजेपी में शामिल होने के बाद सब्यसाची ने यह भी कहा था कि बंगाल दूसरा पाकिस्तान बन रहा है। हालांकि 2021 में सब्यसाची ने बीजेपी को छोड़ दिया और वापस टीएमसी में शामिल हो गए। 2026 के विधानसभा चुनाव में बारासत सीट से उन्होंने चुनाव लड़ा, लेकिन वह हार गए। वह बिधाननगर नगर निगम के वॉर्ड नंबर 31 से पार्षद भी हैं।