
Anubrata Mondal Cattle Smuggling Case: पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार के बड़े नेता रहे पार्थ चटर्जी का कारनामा बीते दिनों से लगातार सुर्खियों में है। करोड़ों रुपए कैश बरामदगी के बाद टीएमसी भी उनसे किनारा कर चुकी है। ईडी पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। पार्थ चटर्जी के शिक्षक भर्ती घोटाले के बीच टीएमसी से एक और नेता को दूसरे मामले में गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार आज केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की टीम ने टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल को पशु तस्करी केस में गिरफ्तार किया है।
अनुब्रत मंडल पर आरोप है कि सीबीआई की ओर से 10 बार नोटिस दिए जाने के बाद भी वो पेश नहीं हुए। ऐसे में गुरुवार को सीबीआई की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार अनुब्रत ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने आप को दूसरी मंजिल पर स्थित एक कमरे में बंद कर लिया था। लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद सीबीआई के अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार किया। इससे पहले अनुब्रत स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए सीबीआई के सामने पेश होने से कन्नी काट रहे थे।
अनुब्रत मंडल ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के बीरभूम जिला के अध्यक्ष हैं और लंबे समय में टीएमसी में हैं। सीबीआई की टीम ने उन्हें पशु तस्करी के केस में पूछताछ के लिए 10 बार समन जारी किया था। लेकिन हर बार वो कोई न कोई बहाना बनाकर वो बच रहे थे। ऐसे में बीते दिनों सीबीआई ने उनकी गिरफ्तारी के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट से अरेस्ट वारंट लेने के बाद गुरुवार को उनके घर पहुंची टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
अनुब्रत मंडल की गिरफ्तारी टीएमसी और खासकर ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। जानकारी हो कि अनुब्रत मंडल 1998 में टीएमसी की स्थापना के बाद से ही पार्टी के हिस्सा हैं। उन्हें पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी का काफी करीबी माना जाता हैं। कहा जाता है कि राज्य में कई विधायकों या मंत्रियों की तुलना में उनका अधिक दबदबा है।
अनुब्रत मंडल जिस पशु तस्करी केस गिरफ्तार हुए उसकी शुरुआत आज से दो साल पहले हुई थी। दरअसल सितंबर 2020 में सीबीआई ने सीमा सुरक्षा बल के कमांडेंट सतीश कुमार और कई अन्य लोगों के खिलाफ पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध पशु व्यापार के संबंध में मामला दर्ज किया था। इस केस की जांच के दौरान टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल का नाम सामने आया। जिसके बाद से वो सीबीआई की रडार पर थे।