
West Bengal-जेल में आध्यात्मिक किताबें पढऩे में मन लगा रहे पार्थ चटर्जी
अपने रोज के अनुभवों को भी कर रहे नोट
-पढऩे के लिए जेलर से मांगी श्री रामकृष्ण कथामृत
Kolkata . करोड़ों रुपये के पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) भर्ती अनियमितताओं के घोटाले के आरोपी पार्थ चटर्जी सलाखों के पीछे के जीवन से अभ्यस्त होने के अपने प्रयास में आध्यात्मिक किताबें पढ़ रहे हैं। वहीं जेल के दिनों में अपने रोज के अनुभवों को नोट कर रहे हैं।
जेल अधिकारियों ने दी मंजूरी
प्रेसीडेंसी केंद्रीय सुधार गृह के अधिकारियों ने श्री रामकृष्ण कथामृत की एक प्रति- रामकृष्ण परमहंस की बातचीत और गतिविधियों का एक संग्रह- प्रदान करने के उनके अनुरोध को मंजूरी दे दी है। चटर्जी के वकीलों में से एक सुकन्या भट्टाचार्य सोमवार को विजिटिंग आवर्स के दौरान सुधार गृह में आई और संग्रह की एक प्रति सौंपी, जिसे दुनिया भर में रामकृष्ण परमहंस के लाखों अनुयायियों ने मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए अंतिम आध्यात्मिक अमृत माना है।
अपने रोज के अनुभवों को लिख रहे डायरी में
राज्य सुधार विभाग के सूत्रों ने कहा कि पूर्व मंत्री जेल के दिनों में अपने रोज के अनुभवों को प्रतिष्ठित रूप से लिख रहे हैं। शुक्रवार की रात को चटर्जी ने जेल के नाई ने एक शेव कराई है, जिन्होंने पूर्व मंत्री की दाढ़ी की छंटनी करते हुए अच्छी तरह से रखी गई फ्रेंच-कट दाढ़ी को बरकरार रखा। जिस दिन से उनकी जेल की सजा शुरू हुई है, चटर्जी ने अपनी बातचीत को न्यूनतम लोगों तक सीमित कर दिया है।
तो नहीं देखने पड़ते ऐसे दिन
उन्हें जेल के अधिकारियों से यह कहते हुए सुना गया था कि उन्हें ऐसे दिन नहीं देखने पड़ते, अगर वे अपनी हाई-प्रोफाइल कॉर्पोरेट नौकरी छोडऩे के बाद राजनीति में प्रवेश नहीं किए होते तो। वे एंड्रयू यूल समूह के महाप्रबंधक के रूप में अपनी नौकरी छोडक़र राजनीति में प्रवेश किए थे।
18 अगस्त को कोर्ट में पेश होंगे पार्थ और अर्पिता
चटर्जी और मुखर्जी दोनों को 18 अगस्त को पब्लिक मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
Published on:
09 Aug 2022 10:46 pm
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