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पश्चिम बंगाल: जैश के संदिग्ध आतंकी और महिला सहयोगी पर बड़ा खुलासा, जंतर-मंतर से CM सुवेंदु अधिकारी तक जुड़े तार

पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने बर्धमान शहर से गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी मोहम्मद हमीम मंडल और उसकी सहयोगी अर्पिता सरकार से जुड़ी जांच तेज कर दी है। एसटीएफ ने इस मामले में बड़ा खुलासा किया है।
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Bardhaman terror case

Bardhaman terror case (Photo: IANS)

Bardhaman Terror case : कोलकाता। पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने बर्धमान शहर से गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी मोहम्मद हमीम मंडल और उसकी सहयोगी अर्पिता सरकार से जुड़ी जांच तेज कर दी है। एसटीएफ ने इस मामले में बड़ा खुलासा किया है। एसटीएफ के अनुसार मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी निशाने पर थे, इसके अलावा देश में आतंकी हमले की साजिश रची गई थी। बता दें कि एसटीएफ ने हमीम को बर्धमान शहर के एक आवासीय परिसर स्थित उसके किराए के मकान से गिरफ्तार किया था। उस पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित नेटवर्क का हिस्सा होने का संदेह है, जिसे भाजपा के नेताओं सहित महत्वपूर्ण हस्तियों की जानकारियां जुटाने, नेटवर्क में नए लोगों को शामिल करने और राज्य में संभावित आतंकी गतिविधियों के लिए जमीन तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया था।

पुलिस की वर्दी में थी हमले की साजिश

एसटीएफ के आईजी गौरव शर्मा ने बताया कि जांच में पता चला है कि आरोपियों ने पुलिस की वर्दी का इंतजाम कर प्रदर्शन के दौरान हमले की साजिश रची गई थी। हालांकि, हमीम वास्तव में जंतर-मंतर गया था या नहीं, और वह वर्दी हासिल कर पाया था या नहीं? इन सभी पहलुओं की जांच अभी जारी है। जांच में पता चला कि हमीम और अर्पिता पिछले चार वर्षों से संपर्क में थे।

उनकी पहचान पहले इंस्टाग्राम पर हुई, जो बाद में व्यक्तिगत मुलाकात और कथित संबंध में बदल गई। एसटीएफ का दावा है कि पिछले कुछ महीनों में अर्पिता के माध्यम से हमीम ने युवाओं को फंसाने और नेटवर्क बढ़ाने की कोशिश की। पूछताछ के दौरान कई संदिग्ध सोशल मीडिया हैंडल जैसे राणा, उजैर, आबिद जाट 333 और हमाद का भी पता चला है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि ये हैंडल पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे और इनका संबंध वहां के आपराधिक गिरोह से हो सकता है।

मंत्री के बेटे के अपहरण की थी योजना

एसटीएफ का यह भी दावा है कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की दिनचर्या पर लगातार नजर रखी जा रही थी। उनके न्यूटाउन स्थित आवास से निकलने का समय, काफिले की आवाजाही, वाहनों की पार्किंग और बैठकों तक की जानकारी जुटाई जा रही थी। एसटीएफ के मुताबिक, राज्य के मंत्री उमेश राय और उनका परिवार भी आतंकियों की हिट लिस्ट में शामिल था।

आरोप है कि अर्पिता और हमीम ने मंत्री के बेटे को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने और उसके अपहरण की योजना बनाई थी। उमेश राय ने बताया कि उनसे 5 करोड़ रुपए की रंगदारी की मांग की गई थी। साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने आरोपी आतंकी हमीम मंडल और उसकी महिला साथी को गिरफ्तार कर लिया है।

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