
TMC: विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच जारी विवाद के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ हुई बैठकों की ऑडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने पर विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये रिकॉर्डिंग अगले सप्ताह जारी की जा सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार पार्टी के पास चुनाव आयोग के साथ हुई तीन बैठकों की रिकॉर्डिंग मौजूद है। इन्हें सार्वजनिक करने का उद्देश्य बैठकों के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के राजनीतिक दलों के साथ बातचीत के तरीके और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक मुद्दों पर हुई चर्चा को सामने रखना है।
इन रिकॉर्डिंग में TMC प्रतिनिधिमंडल की ओर से पूछे गए सवाल और चुनाव आयोग की तरफ से दिए गए जवाब भी सुने जा सकेंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह भी दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने बैठकों की कार्यवाही के दौरान अपेक्षाकृत कम समय तक बात की। TMC ने पहले भी चुनाव आयोग के साथ हुई बैठकों की बातचीत को सार्वजनिक करने पर विचार किया था, लेकिन उस समय पार्टी ने ऐसा नहीं किया। अब SIR को लेकर बढ़ते विवाद के बीच पार्टी इस विकल्प पर फिर विचार कर रही है।
TMC लगातार चुनाव आयोग पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगा रही है। पार्टी का यह आरोप विशेष रूप से उस विवाद से जुड़ा है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के संगठन, पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावे को लेकर चुनाव आयोग के समक्ष मामला चल रहा है। रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले एक समूह ने मौजूदा पार्टी संगठन के अधिकार को चुनौती देते हुए TMC पर नियंत्रण का दावा किया है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
TMC का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर भी विवाद चल रहा है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने करीब 10 महीनों के दौरान कम से कम 14 मौकों पर मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और बहाल करने तथा चुनावी डेटा के प्रबंधन से जुड़े फैसलों और आदेशों पर आपत्तियां दर्ज की थीं।
TMC और चुनाव आयोग के बीच अप्रैल में भी तीखी बहस हुई थी। 8 अप्रैल को पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली में पूरे चुनाव आयोग से मिला था। बैठक के बाद TMC के राज्यसभा नेता और पार्टी के संयुक्त महासचिव डेरेक ओ'ब्रायन ने आरोप लगाया था कि करीब सात मिनट की बातचीत के अंत में ज्ञानेश कुमार ने प्रतिनिधिमंडल से कथित तौर पर 'गेट लॉस्ट' कहा था।