
TMC MLA Kunal Ghosh: पश्चिम बंगाल में सरकार बदल जाने के बाद कई बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री शुभेन्द्र अधिकारी ने बीते डेढ़ महीने में कई ऐसे चौंकाने वाली फैसले लिए हैं जो पूर्व से ममता बनर्जी और उनकी तृणमूल कांग्रेस पार्टी के लिए चिंता का विषय बने हुए है। हाल ही में बच्चों के मिड डे को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है। बंगाल की भाजपा सरकार ने इस्कॉन को मिड डे मील का टेंडर दिया है। अब इस पर विवाद शुरू हो गया है। ममता बनर्जी के विधायकों को यह रास नहीं आया। टीएमसी नेताओं का कहना है कि अब बच्चों को मिड डे मील में अंडे नहीं मिल पाएंगे।
TMC MLA कुणाल घोष ने कोलकाता में मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर इस्कॉन मिड-डे मील बनाता है, तो यह एक धार्मिक संस्था है। इसलिए बच्चों का मेन्यू नॉन-वेजिटेरियन से वेजिटेरियन हो जाएगा। यानी अब बच्चों को स्कूल में अंडे नहीं मिलेंगे।
इस पर उन्होंने चिंता जताई है। टीएमसी विधायक ने सरकार से हमारा अनुरोध है कि इस फैसले पर एक बार फिर से विचार किया जाना चाहिए। उन्हें खाना वेजिटेरियन रखना होगा। इसे किसी भी धार्मिक संस्था से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
स्कूली छात्रों के लिए इस्कॉन द्वारा चलाए जा रहे मध्याह्न भोजन कार्यक्रम पर टीएमसी विधायक ने कहा कि वर्तमान में मध्याह्न भोजन में अंडे शामिल हैं। प्रदेश की नई सरकार की ओर से संकेत मिल रहे हैं कि ये अंडे अब नहीं रहेंगे। क्योंकि मिड-डे मील तैयार करने की जिम्मेदारी अब इस्कॉन को सौंपी जा रही है। बीजेपी सरकार इस जिम्मेदारी को इस्कॉन को सौंपने की प्रक्रिया में है।
TMC में जारी घमासान पर कुणाल घोष ने पार्टी से बगावत करने वालों पर जमकर हमला बोला है। पार्टी के राजनीतिक लोगो (चुनाव चिह्न) के मुद्दे पर TMC विधायक ने कहा कि उनके पास कौन से कागजात हैं? हमारे पास ममता बनर्जी हैं-उनसे पूछिए। वे यहां कैसे हैं? एक विधायक के तौर पर, वे किसके विधायक हैं? वे TMC के विधायक हैं। चुनाव आयोग के पास जमा उनका हलफनामा देखिए।
उन्होंने आगे कहा कि फ़ॉर्म A और फ़ॉर्म B देखिए-उन पर किसने हस्ताक्षर किए हैं? उन पर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के हस्ताक्षर हैं। आज वे कह रहे हैं कि पार्टी और चुनाव चिह्न उन्हीं का है, जबकि साथ ही वे उन्हीं लोगों को हटाने की कोशिश कर रहे हैं जिन्होंने उन्हें पार्टी और चुनाव चिह्न दिया था।