
Ritabrata Banerjee Meet Election Commission: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर सियासी टकराव थमने का नाम नहीं ले रही है। विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने चुनाव आयोग (ECI) के सामने खुद को 'असली टीएमसी' बताते हुए पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावा पेश किया है। वहीं, टीएमसी ने इसे भाजपा की साजिश करार देते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद दावा किया कि उनके गुट के साथ पार्टी के दो-तिहाई से अधिक जनप्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश विधायक, पार्षद और जिला परिषद सदस्य उनके साथ हैं, इसलिए वही वास्तविक टीएमसी का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऋतब्रत बनर्जी के मुताबिक, उनके गुट ने 22 जून को एक विशेष बैठक आयोजित की थी। उसी बैठक में प्रस्ताव पारित कर चुनाव आयोग को लिखित रूप से पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावा सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें आयोग से सकारात्मक फैसले की उम्मीद है।
ऋतब्रत बनर्जी के बयान के बाद टीएमसी(ममता बनर्जी) ने ऋतब्रत पर जमकर जुबानी हमला किया है। टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अपने ही नियमों का पालन नहीं कर रहा है। सागरिका घोष ने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार किसी राजनीतिक दल के केवल अधिकृत प्रतिनिधि ही फुल बेंच से मुलाकात कर सकते हैं और बैठक का अनुरोध भी वही कर सकते हैं। उनके अनुसार, पार्टी से निष्कासित नेताओं के एक समूह को आयोग के फुल बेंच से मिलने की अनुमति देना नियमों के विपरीत है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की साजिश का हिस्सा है। सागरिका घोष ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा और अमित शाह के इशारों पर काम कर रहा है।
मीडिया से बात करते हुए सांसद सागरिका घोष ने ऋतब्रत बनर्जी गुट 'टुटफुटिया झुंड' करार दे दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग नियम की अनदेखी कर रही है। 'टुटफुटिया' झुंड जो पता नहीं कहां से आए हैं, एक नेता जो पार्टी से निकाले जा चुके हैं ये 'टुटफुटियाट जाकर चुनाव आयोग के फुल बेंच से मिले हैं जो नियम के खिलाफ है।