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पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी नहीं हो रही खत्म, क्या जगह नहीं मिलने से नाराज हुए मनीष तिवारी, ट्वीट से बढ़ा सस्पेंस!

Punjab Election 2027: पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने संगठन में नई जिम्मेदारियों का ऐलान किया, लेकिन वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी को समिति में जगह न मिलने से नाराजगी खुलकर सामने आई है।
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भारत

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Devika Chatraj

Jul 02, 2026

Manish Tiwari

मनीष तिवारी IANS)

Punjab Politics: पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है। इससे पहले कांग्रेस (Congress) में गुटबाजी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। चुनाव से पहले पार्टी गुटबाजी खत्म करने को लेकर हरसंभव प्रयास कर रही है। राहुल गांधी चुनाव को लेकर कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहते है। इसी बीच कांग्रेस ने बुधवार को एक लैटर जारी किया, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष, कैपेन कमेटी के अध्यक्ष, कोर कमेटी का चेयरपर्सन, लेक्शन मैनेजमेंट और कोऑर्डिनेशन कमेटी का चेयरपर्स और मेनिफेस्टो कमेटी के अध्यक्ष का ऐलान कर दिया है।

मनीष तिवारी को कमिटी में नहीं मिली जगह

लैटर में पार्टी ने प्रदेश के सभी बड़े नेताओं को जगह दे दी, जिससे गुटबाजी खत्म हो जाए। हालांकि इसके बाद भी पार्टी के अंदर गुटबाजी खत्म नहीं हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद मनीष तिवारी चुनाव को लेकर बनी कमेटी में जगह नहीं मिलने से नाराज नजर आए। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर अपनी नाराजगी भी जाहिर कर दी है। तिवारी के ट्वीट के बाद संस्पेंस बढ़ गया है।

मनीष तिवारी ने क्या लिखा?

मनीष तिवारी ने X पर लिखा, क्या किसी व्यक्ति के लिए प्रतिभा या क्षमता होना उससे बड़ी कोई कमी हो सकती है? काश, व्यक्तियों और संस्थाओं की असुरक्षाओं का भी कोई इलाज होता! उन्होंने आगे लिखा, इसके बावजूद कांग्रेस ने पिछले 45 सालों में मुझे बहुत कुछ दिया है। मैंने भी अपने पूरे जीवन को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सेवा में समर्पित किया है। Que sera, sera… जो होना होगा, वही होगा। तिवारी की इस पोस्ट को पार्टी के भीतर उनकी नाराजगी और संगठन में मिली उपेक्षा के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

कैंपेन कमेटी की कमान चन्नी के हाथ

हालांकि कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं सौंपी, लेकिन उन्हें कैंपेन कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी में इस पद को बेहद अहम माना जाता है और इसे मुख्यमंत्री पद की संभावित दावेदारी से भी जोड़कर देखा जाता है। हालांकि कांग्रेस की परंपरा रही है कि वह विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं करती। हाल ही में केरल में भी पार्टी ने चुनाव से पहले सीएम फेस का ऐलान नहीं किया था और नतीजों के बाद वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री चुना गया।

किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी?

कांग्रेस ने पंजाब संगठन में विभिन्न नेताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी का चेयरपर्सन बनाया गया है। विजय इंद्र सिंघला को इलेक्शन मैनेजमेंट एवं कोऑर्डिनेशन कमेटी की कमान सौंपी गई है, जबकि अमर सिंह को मेनिफेस्टो कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

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