
Mobile Recharge Validity:देश में मोबाइल रिचार्ज को लेकर कम डेटा इस्तेमाल करने वाले या बिना इंटरनेट केवल कॉल व मैसेज का उपयोग रखने की चाह वाले ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के निर्देशों के मुताबिक अब कंपनियों को बिना डेटा का कॉल प्लान लाना होगा। इसके साथ ही बिना इंटरनेट डेटा वाले छोटी अवधि के विशेष रिचार्ज उपलब्ध कराने होंगे। वहीं अब रिचार्ज (वैलिडिटी) भी 28 की बजाए 30 दिन के महीने का होगा।
इससे कम दिन का अलग रिचार्ज उपलब्ध कराया जा सकेगा। इस मामले में मंगलवार को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नए नियम लागू हो गए हैं। नए नियम में जिस तारीख को रिचार्ज होगा, अगले महीने उसी तारीख तक उसकी वैधता रहेगी। किसी महीने वह तारीख मसलन 31 नहीं है, तो उस महीने की आखिरी तारीख को वैधता रखी जा सकेगी। कम से कम एक रिचार्ज ऐसा रखना होगा जो छोटी अवधि का हो और बिना डेटा वाला हो। यानी छोटी अवधि के रिचार्ज भी रखना होंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा कम डेटा इस्तेमाल करने वाले या डेटा का इस्तेमाल न करने वाले उपभोक्ताओं को होगा।
ट्राई ने दिसंबर 2024 में कंपनियों के लिए कम से कम एक वॉयस और एसएमएस प्लायन देना जरूरी किया था। इसके बाद कंपनियों ने ऐसे प्लान तो लॉन्च किए, लेकिन उनकी संख्या बहुत कम थी। वहीं ऐसे प्लान के छोटे रिचार्ज उपलब्ध नहीं थे। दूसरी तरफ डेटा वाले प्लान में ग्राहकों को कई तरह की वैलिडिटी मिल रही थी। ऐसे में कॉल और एसएमएस चाहने वाले ग्राहकों को या तो लंबी अवधि वाला प्लान लेना होता था या फिर डेटा वाला प्लान लेना होता था, चाहे उन्हें डेटा की जरूरत न हो।
नए नियमों के चलते कुछ ग्राहकों के लिए प्लान सस्ता हो जाएंगे। ट्राई ने सभी मोबाइल रिचार्ज की कीमत कम करने का आदेश नहीं दिया है। जिन लोगों को डेटा चाहिए और जो पहले से डेटा वाला प्लान इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके लिए इस नियम से सीधे तौर पर रिचार्ज सस्ता होने की संभावना नहीं हैै। उन लोगों को होगा जिन्हें डेटा नहीं चाहिए, ऐसे ग्राहक डेटा के साथ आने वाले प्लान की जगह सिर्फ कॉल और एसएमएस वाला प्लान चुन सकेंगे। खास बात है कि घर में मौजूद बड़े बुजुर्ग जो डेटा का इस्तेमाल नहीं करते, उन्हें फायदा मिलेगा। ट्राई के अपने एनालिसिस में भी बुजुर्गों, ग्रामीण इलाकों के ग्राहकों और कम डेटा इस्तेमाल करने वालों को ऐसे विकल्पों की जरूरत बताई गई है।
दूसरी ओर मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए एक ओर बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने मोबाइल के स्क्रीन गार्ड को क्वालिटी-कंट्रोल में ले लिया है। इसके तहत पहली बार स्करीन गार्ड का बीआइएस मानक तय किया गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह चीन से घटिया क्वालिटी के स्क्रीन गार्ड के भारत में बड़ी मात्रा में खपने को रोकना है। इससे बच्चों की आंखों पर बुरा असर पड़ता है। स्क्रीन गार्ड पर सख्ती के तहत पूरा अलग मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा। इसके तहत स्क्रीन गार्ड बनाने व बेचने वाली कंपनियों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। स्क्रीन गार्ड का मानकीकरण होगा। बिना मानकीकरण वाला स्क्रीन गार्ड अप्रेल 2027 से नहीं बेचा जा सकेगा।