
भारत की पाकिस्तान को क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद पर फटकार , Photo Source@ANI
India Pakistan Tension: भारत ने साफ शब्दों में कहा है कि पाकिस्तान को सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस और सत्यापन योग्य कदम उठाने होंगे, तभी अंतरराष्ट्रीय समुदाय उसके दावों पर भरोसा करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने और प्रोपेगैंडा फैलाने का आरोप लगाया।
जायसवाल ने कहा कि सिंधु जल संधि पर तथाकथित "मध्यस्थता न्यायालय" का हालिया फैसला 'परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन' का निर्णय नहीं है, जैसा पाकिस्तानी मंत्री ने दिखाने की कोशिश की। उन्होंने इसे एक गैर-कानूनी रूप से गठित संस्था का फैसला बताते हुए कहा कि यह सच्चाई को तोड़ने-मरोड़ने की एक और कोशिश है। यह टिप्पणी उस सवाल के जवाब में आई कि पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अध्यक्ष को पत्र क्यों लिखा।
यह घटनाक्रम तब हुआ जब पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर की गिरफ्तारी में मदद देने वाली जानकारी के लिए इनाम राशि बढ़ाई। भारत ने इस 70 लाख पाकिस्तानी रुपये के इनाम की घोषणा को दिखावटी कदम करार देते हुए ठोस कार्रवाई की मांग दोहराई। जैश-ए-मोहम्मद संसद हमले, पठानकोट और पुलवामा जैसी आतंकी साजिशों में शामिल रहा है।
अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, के बाद भारत-पाकिस्तान संबंध और बिगड़ गए। भारत ने जवाब में 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसके चलते सैन्य झड़पें 10 मई 2025 तक चलीं, जब संघर्ष-विराम पर सहमति बनी।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि 31 अगस्त को जारी मध्यस्थता न्यायालय का फैसला अवैध रूप से गठित संस्था का है, जिसका गठन विश्व बैंक ने संधि की शर्तों का उल्लंघन कर किया। भारत ने कभी इस संस्था की वैधता नहीं मानी और न ही इसके सामने पेश हुआ। नई दिल्ली ने दोहराया कि 1960 की सिंधु जल संधि का निलंबन तब तक जारी रहेगा जब तक पाकिस्तान सीमा-पार आतंकवाद पूरी तरह बंद नहीं करता। वहीं, अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। जायसवाल ने हमलों की निंदा करते हुए कहा कि एक संप्रभु पड़ोसी के खिलाफ इस तरह की आक्रामकता क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के खिलाफ है।
Updated on:
22 Sept 2026 10:55 pm
Published on:
22 Sept 2026 10:55 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
