
Agreements : ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला डा सिल्वा (President Lula) इन दिनों भारत की अहम यात्रा पर (India Brazil relations) हैं। शनिवार को नई दिल्ली में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के साथ उच्च स्तरीय कूटनीतिक वार्ता की। इस दौरान दोनों देशों ने कई अहम समझौतों (Agreements) पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रपति भवन में सुबह लूला का शानदार राजकीय सम्मान किया गया और उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। यहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
राजधानी दिल्ली के हैदराबाद हाउस में दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की लंबी बैठक आयोजित की गई। भारतीय पक्ष की ओर से इस वार्ता में पीएम मोदी के अलावा वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री मौजूद रहे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाना था। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में सहमति पत्रों (MoU) का आदान-प्रदान किया गया। पीएम मोदी ने इस मुलाकात पर खुशी जताते हुए कहा कि भारत और ब्राजील के रिश्ते अब बेहद खास होते जा रहे हैं।
भारत और ब्राजील के बीच ऐतिहासिक रूप से बहुत गहरे और पुराने संबंध रहे हैं। वैसे तो दोनों देशों का संपर्क लगभग पांच सदी पुराना है, जब पुर्तगाली खोजकर्ता पेड्रो अल्वारेस कैबरल साल 1500 में ब्राजील पहुंचे थे। लेकिन एक स्वतंत्र देश के तौर पर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों की औपचारिक शुरुआत साल 1948 में हुई थी। इसके बाद साल 2006 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) में बदल दिया। आज ब्रिक्स (BRICS) और जी-20 (G20) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों देश एक साथ मजबूती से खड़े नजर आते हैं।
भारत और ब्राजील के बीच आर्थिक रिश्ते भी काफी मजबूत होकर उभरे हैं। साल 2025 में दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 15.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। इस ताजा मुलाकात में दोनों देशों ने 2026 तक इस व्यापारिक आंकड़े को बढ़ाकर 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का विशाल लक्ष्य रखा है। आपको बता दें कि भारत मुख्य रूप से ब्राजील को दवाइयां, कृषि रसायन, धागे, पेट्रोलियम उत्पाद और ऑटो पार्ट्स का निर्यात करता है। वहीं, ब्राजील से भारत कच्चा तेल, चीनी और सोयाबीन तेल जैसे उत्पादों का भारी मात्रा में आयात करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुलाकात को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति लूला के आने से भारत-ब्राजील की रणनीतिक भागीदारी को एक 'नई ऊर्जा' मिली है। ब्राजील के राष्ट्रपति ने भी भारत के तेजी से होते आर्थिक विकास की जमकर सराहना की। बैठक में हुए समझौतों के बाद अब दोनों देशों के अधिकारी व्यापारिक बाधाओं को दूर करने पर काम करेंगे। 2026 तक 20 अरब डॉलर के लक्ष्य को पाने के लिए जल्द ही ब्राजील और भारत के वाणिज्य मंत्रालयों के बीच एक नई रूपरेखा (रोडमैप) जारी की जा सकती है।
इस कूटनीतिक दौरे का एक सांस्कृतिक और भावनात्मक पहलू भी दिखा। अपनी व्यस्तताओं के बीच ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा उनकी विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी अलग से मुलाकात हुई, जिसमें 'ग्लोबल साउथ' की आवाज को दुनिया में बुलंद करने पर चर्चा की गई।