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तारिक रहमान ने भारत की इस कंपनी के खिलाफ लिया बड़ा फैसला, प्रधानमंत्री बनते ही एयर स्पेस किया बंद

Bangladesh: बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने सत्ता संभालते ही बड़ा फैसला लिया है। बकाया शुल्क न चुकाने पर भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट के लिए बांग्लादेश का एयरस्पेस बंद कर दिया गया है।

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भारत

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MI Zahir

Feb 19, 2026

Tariq Rahman

Tariq Rahman

Airspace : बांग्लादेश की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के साथ ही भारतीय कंपनियों के लिए चुनौतियां शुरू हो गई हैं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान के प्रधानमंत्री पद की कमान संभालते ही बांग्लादेश (Tarique Rahman Bangladesh) ने भारतीय एयरलाइन के खिलाफ एक सख्त कदम उठाया है। बांग्लादेश नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (CAAB) ने भारतीय बजट एयरलाइन स्पाइसजेट (SpiceJet) के लिए अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) पूरी तरह से ब्लॉक (SpiceJet Airspace Ban)कर दिया है। यह कड़ा फैसला एयरलाइन द्वारा नेविगेशन शुल्क का लंबे समय से भुगतान न करने के कारण लिया गया है। इस कदम ने भारतीय एविएशन सेक्टर (Bangladesh Aviation News) की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इसका सीधा असर पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाली उड़ानों पर पड़ रहा है।

पिछले छह महीने से अधिक समय का एयर नेविगेशन चार्ज बकाया

सूत्रों के मुताबिक, स्पाइसजेट पर पिछले छह महीने से अधिक समय का एयर नेविगेशन चार्ज बकाया है। एविएशन नियमों के अनुसार, जब कोई कॉमर्शियल विमान किसी देश के हवाई क्षेत्र से गुजरता है, तो उसे एक तय शुल्क (बोइंग विमान के लिए लगभग $300 प्रति उड़ान) देना होता है। बांग्लादेश सरकार ने बकाया राशि और उस पर लगने वाले ब्याज की मांग को लेकर स्पाइसजेट की उड़ानों पर ओवरफ्लाइंग की रोक लगा दी है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार के इस त्वरित एक्शन की चर्चा अब कूटनीतिक गलियारों में भी हो रही है।

उड़ान का समय बढ़ने से एयरलाइन की ईंधन लागत में इजाफा (Fuel Cost)

इस हवाई प्रतिबंध का सबसे ज्यादा असर स्पाइसजेट की उन उड़ानों पर पड़ा है, जो कोलकाता से पूर्वोत्तर राज्यों जैसे गुवाहाटी और इंफाल के लिए उड़ान भरती हैं। बांग्लादेश का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण अब विमानों को लंबा और घुमावदार रास्ता तय करना पड़ रहा है। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट 'फ्लाइट रडार 24' के डेटा के अनुसार विमानों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अब लगभग 30 मिनट का अतिरिक्त समय लग रहा है। उड़ान का समय बढ़ने से एयरलाइन की ईंधन लागत (Fuel Cost) में भारी इजाफा हुआ है।

एविएशन इंडस्ट्री की "सामान्य प्रक्रिया" (SpiceJet Unpaid Dues)

इस मामले पर स्पाइसजेट प्रबंधन ने अपनी ओर से स्पष्टीकरण जारी किया है। एयरलाइन के प्रवक्ता ने इस स्थिति को एविएशन इंडस्ट्री की "सामान्य प्रक्रिया" करार दिया है। उन्होंने कहा कि हम नेविगेशन शुल्क सहित सभी मामलों पर बांग्लादेश के संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं और जल्द ही कोई सकारात्मक समाधान निकाल लिया जाएगा। प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि एयरलाइन के नियमित उड़ान संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी फ्लाइट्स अपने तय समय पर चल रही हैं। इसके बावजूद, इस खबर के सामने आते ही शेयर बाजार में स्पाइसजेट के शेयरों में गिरावट देखी गई।

एयरलाइन की विश्वसनीयता को ठेस (India Bangladesh Relations)

स्पाइसजेट का कहना है कि वे बांग्लादेश के उड्डयन अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं और यह महज एक रूटीन प्रक्रिया है जिसे जल्दी ही सुलझा लिया जाएगा। दूसरी तरफ, विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र का प्रतिबंधित होना एयरलाइन की विश्वसनीयता को ठेस पहुंचाता है। यात्रियों में लंबे रूट और देरी की वजह से असंतोष देखने को मिल रहा है।

अब निगाहें भारतीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय पर

इस फैसले के बाद अब निगाहें भारतीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय (DGCA) पर हैं कि क्या सरकार इस व्यावसायिक विवाद को सुलझाने के लिए कोई कूटनीतिक दखल देगी। इसके अलावा, वित्तीय संकट से जूझ रही स्पाइसजेट (जिसने हाल ही में दिसंबर तिमाही में 269 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया है) के लिए जल्द से जल्द इस बकाये का भुगतान करना एक बड़ी चुनौती होगी, ताकि पूर्वोत्तर भारत के ऑपरेशन्स को सामान्य किया जा सके।

भारत के प्रति एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा साइड एंगल इसके 'टाइमिंग' को लेकर है। बांग्लादेश में शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद बीएनपी के तारिक रहमान ने हाल ही में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है। सत्ता में आते ही भारतीय एयरलाइन पर इतनी सख्त कार्रवाई को दोनों देशों के बदलते कूटनीतिक समीकरणों के नजरिए से भी देखा जा रहा है। भले ही यह एक व्यावसायिक बकाये का मामला हो, लेकिन नए नेतृत्व के इस रवैये को भारत के प्रति एक कड़े संदेश के रूप में विश्लेषित किया जा रहा है।