
दीपू चंद्र दास के परिवार को मिला मुआवजा (फोटो- एएनआई)
बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में हुई हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या ने पिछले वर्ष व्यापक राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दिया था। इस घटना ने देश में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए और चुनावी माहौल को भी प्रभावित किया। अब इस मामले में सरकार ने पीड़ित परिवार को 25 लाख टका की मुआवजा प्रदान किया है। दीपू के परिवार को यह 25 लाख टका यानी लगभग 18.52 लाख रुपये का मुआवजा सरकारी सहायता सेविंग सर्टिफिकेट के रूप में दिया गया है।
यह दस्तावेज सोमवार को मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के कार्यालय के माध्यम से परिवार को सौंपे गए। बाद में ढाका विश्वविद्यालय के जगन्नाथ हॉल में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में परिवार के सदस्यों ने पुष्टि की कि उन्हें पूरी राशि मिल चुकी है और उन्होंने अंतरिम प्रशासन का आभार जताया। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि केवल आर्थिक सहायता पर्याप्त नहीं है और हत्या के आरोपियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
बता दें कि पिछले साल 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास, जो पायनियर्स निटवेयर्स लिमिटेड में कार्यरत थे, को उनके कार्यस्थल से उठा लिया गया था। इसके बाद भीड़ ने दीपू को पीट-पीटकर उनकी जान ले ली थी। दीपू की हत्या के बाद हमलावरों ने उनके शव को ढाका मयमनसिंह हाइवे के किनारे एक पेड़ से लटका कर जला दिया था। इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे और इसकी विश्व स्तर पर कड़ी आलोचना की गई थी। दीपू की मौत के बाद बांग्लादेश में एक के बाद एक कई हिंदुओं की हत्या के मामले सामने आए।
इस पर भारत और बांग्लादेश दोनों जगह विरोध प्रदर्शन हुए। हालांकि मोहम्मद यूनुस ने मीडिया बातचीत के दौरान कहा था कि ये हमले राजनीतिक थे, धार्मिक नहीं। अब इस मामले में पीड़िता परिवार को सरकार ने मुआवजा दिया है। हालांकि परिवार ने मुआवजा मिलने के बाद भी अपनी मांगें दोहराई हैं। दीपू की मां शेफाली रानी दास ने प्रशासन से अपील की है कि उनकी बहू के लिए सरकारी नौकरी की व्यवस्था की जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सभी संदिग्धों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है और जांच की गति संतोषजनक नहीं है। दीपू के पिता रोबी लाल चंद्र दास ने निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है, जबकि उनकी पत्नी मेघना रबीदास ने भी अपराधियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की है।
Updated on:
17 Feb 2026 01:15 pm
Published on:
17 Feb 2026 01:15 pm
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