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‘पॉपुलैरिटी से फर्क नहीं पड़ता, सेहत सबसे ऊपर’, मिलावटखोरों पर एक्शन के बाद बोले FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे

Tukaram Mundhe: महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने पद संभालने के बाद से राज्य के 12,000 से ज्यादा दुकानों और रेस्टोरेंट्स पर बड़ा एक्शन लिया है। पब्लिसिटी, राजनीतिक दबाव, स्विगी-जोमैटो की जवाबदेही और बॉलीवुड सितारों को भेजे नोटिस पर जानिए क्या बोले तुकाराम मुंढे।
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Sep 06, 2026
Food Safety Maharashtra, Tukaram Mundhe Interview, Public Health First
मिलावटखोरों पर एक्शन के बाद बोले FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे (फोटो सोर्स- IANS)

FDA Commissioner Tukaram Mundhe: महाराष्ट्र में खाने-पीने की चीजों में मिलावट रोकने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) लगातार कड़ी कार्रवाई कर रहा है। मई में पद संभालने के बाद से ही एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। पूरे राज्य में हजारों प्रतिष्ठानों पर हुई लगातार कार्रवाई के बाद वे अचानक चर्चाओं के केंद्र में आ गए हैं। हालांकि, अपनी बढ़ती लोकप्रियता पर उनका कहना है कि वे किसी पब्लिसिटी के पीछे नहीं भागते, बल्कि उनके लिए आम जनता की सेहत और सुरक्षा ही सबसे ज्यादा मायने रखती है।

पब्लिसिटी से फर्क नहीं पड़ता, लोगों का स्वस्थ रहना जरूरी

अपनी सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले आईएएस ऑफिसर तुकाराम मुंढे ने साफ कहा कि चर्चित होना उनका मकसद कभी नहीं रहा। जब उनसे सवाल किया गया कि क्या इस पब्लिसिटी से उनका ध्यान भटकता है, तो उन्होंने कहा कि यह मुद्दा तुकाराम मुंढे का नहीं, बल्कि देश के स्वास्थ्य का है। मुंढे का मानना है कि जब तक देश के नागरिक पूरी तरह स्वस्थ नहीं होंगे, तब तक भारत को एक मजबूत महाशक्ति बनाने का सपना साकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि वे पिछले 20 सालों से इसी तरह काम कर रहे हैं और लोगों की सेहत ही सरकार की पहली पसंद होनी चाहिए।

12 हजार से ज्यादा दुकानों और सेंटर्स पर एक्शन

पद संभालने के बाद से ही एफडीए की टीमों ने पूरे महाराष्ट्र में जगह-जगह चेकिंग अभियान चलाया है। एफडीए की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक कुल 12,083 खान-पान की जगहों की जांच कर उन पर कानूनी एक्शन लिया गया है। इनमें से नियमों का उल्लंघन करने वाले 5,269 संस्थानों को तुरंत प्रभाव से सुधार नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि गंभीर लापरवाही और अनियमितता बरतने वाले 603 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।

स्विगी-जोमैटो और सरोगेट विज्ञापन पर कड़ा रुख

ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स पर बात करते हुए तुकाराम मुंढे ने कहा कि स्विगी और जोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म्स खुद को सिर्फ डिलीवरी पार्टनर मानते हैं, जबकि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत वे 'फूड बिजनेस ऑपरेटर' की श्रेणी में आते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए एफडीए ने उनके गोदामों पर भी छापेमारी कर सख्त कदम उठाए हैं। इसके साथ ही, प्रतिबंधित पान मसाला के सरोगेट विज्ञापनों (इलायची एड) के मामले में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस जारी किए गए थे। मुंढे ने जानकारी दी कि भेजे गए नोटिस के बाद तीन में से दो अभिनेताओं के जवाब प्राप्त हो चुके हैं, जबकि दिए गए 30 दिनों की समय सीमा में अभी कुछ दिन बाकी हैं।

Updated on:
06 Sept 2026 12:53 pm
Published on:
06 Sept 2026 12:52 pm
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