
अरविंद केजरीवाल, मल्लिकार्जुन खरगे और पीएम मोदी। (Photo- ANI)
AAP and Congress target PM Modia on Angry Uncles:आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नाराज फूफा’ वाले बयान को लेकर उन पर तंज कसा है। प्रधानमंत्री मोदी की एक्स पोस्ट साझा करते हुए AAP ने लिखा, ‘मोदी जी ने यह ट्वीट आईने में खुद को देखने के बाद लिखा है।’ वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लिखा, ‘विशेषण बदलते रहते हैं, पर मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियां नहीं बदलतीं।’
यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शनिवार को श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह को संबोधित करने के दौरान सरकार की पहलों के आलोचकों पर निशाना साधे जाने के बाद आई।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘नाराज फूफा’ वाले बयान को लेकर पीएम मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि युवाओं के सवालों का जवाब देने के बजाय प्रधानमंत्री का भाषण राजनीतिक प्रचार में बदल गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में विपक्ष के सवालों को दबाने के लिए हर साल नए विशेषण गढ़े जाते हैं, ताकि सरकार की कथित नाकामियों से ध्यान हटाया जा सके।
खरगे ने कहा कि ‘नाराज फूफा’, ‘दिमागी नक्सल’, ‘अर्बन नक्सल’, ‘खान मार्केट गैंग’, ‘आंदोलनजीवी’ और ‘परजीवी’ जैसे विशेषण बदलते रहते हैं, लेकिन मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियां नहीं बदलतीं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में अपना ‘रिपोर्ट कार्ड’ दिखाया, लेकिन देश का युवा भी अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर खड़ा है। इसमें बेरोजगारी, वर्षों से अटकी सरकारी भर्तियां, पेपर लीक से परेशान विद्यार्थी, महंगी होती शिक्षा, छात्रवृत्ति के घटते अवसर और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर बढ़ता दबाव शामिल है।
खरगे ने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा, ‘मोदी जी, आउटरीच तभी करनी पड़ती है, जब आप आउट ऑफ रीच हो जाते हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘पीएम मोदी जी, छात्रों की गूंज सुनिए, इधर-उधर की बातों से समाधान नहीं निकलेगा।’
श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘इस कैंपस से बाहर निकलेंगे तो आपको एक नई दुनिया मिलेगी। आपको दो तरह के लोग मिलेंगे। एक तरह के लोग वे हैं, जो समाज की शक्ति को सकारात्मक तरीके से बदलकर उसे राष्ट्र की शक्ति में बदलते हैं।’
उन्होंने आगे कहा, ‘दूसरी प्रजाति उन लोगों की है, जो जब भी कोई काम शुरू होता है तो 'नाराज फूफा' बन जाते हैं। उनका पसंदीदा काम हर काम का विरोध करना है। उनका सिर्फ एक ही डायलॉग होता है- 'इसकी क्या जरूरत है?'
प्रधानमंत्री मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, हाई-स्पीड ट्रेन, UPI, सेमीकंडक्टर निर्माण और नए संसद भवन जैसे प्रोजेक्ट्स का उदाहरण देते हुए कहा कि विपक्ष ने हर पहल पर सवाल उठाया और पूछा कि इसकी जरूरत क्या है।
उन्होंने कहा, ‘जब हम दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बना रहे थे, तो 'फूफाओं' ने कमर कस ली और कहा, 'इसकी क्या जरूरत है?' हमने हाई-स्पीड ट्रेन पर काम शुरू किया तो 'फूफाओं' ने फिर कहा, 'इसकी क्या जरूरत है?'
UPI का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हम UPI लेकर आए तो यही 'फूफा' कहने लगे- UPI क्यों? UPI की क्या जरूरत है?' लेकिन भारत ने ऐसे सभी 'फूफाओं' को जवाब दिया है। देश के लिए जो जरूरी है, उसे करने से भारत को कोई नहीं रोक सकता।’
प्रधानमंत्री ने शिक्षक दिवस के मौके पर श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भारत की विकास यात्रा का उल्लेख किया और सरकार की योजनाओं की आलोचना को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा।
Updated on:
06 Sept 2026 12:06 pm
Published on:
06 Sept 2026 12:06 pm
