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Swatantra Bharadwaj Arrest: स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें और बढ़ीं! POCSO केस के बाद अब जेल में हमले की आशंका, वकील का बड़ा दावा

Swatantra Bharadwaj Court Hearing: स्वतंत्र भारद्वाज की कानूनी मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। एक ओर अदालत में न्यायिक हिरासत की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर POCSO मामले ने केस को नया मोड़ दे दिया है। बचाव पक्ष अब आरोपों के साथ-साथ उनकी जेल सुरक्षा को लेकर भी सरकार के सामने गंभीर चिंता रख रहा है।
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नई दिल्ली

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Manoj Vashisth

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Updated: 6 Sep 2026, 1:57 PM IST

Swatantra Bharadwaj Arrest

Swatantra Bharadwaj Arrest: स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें और बढ़ीं! POCSO केस के बाद अब जेल में हमले की आशंका (फोटो सोर्स: ANI)

Swatantra Bharadwaj POCSO Case: दिल्ली में स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद मामला लगातार पेचीदा होता जा रहा है। उनके वकील पीयूष जैन के मुताबिक, पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसी बीच उनके खिलाफ POCSO Act के तहत एक और मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। बचाव पक्ष ने आरोपों को पूरी तरह मनगढ़ंत बताते हुए जेल में संभावित हमले की आशंका जताई है और तिहाड़ में कड़ी सुरक्षा की मांग की है।

पुलिस हिरासत के बाद अब न्यायिक हिरासत की तैयारी

समाचार एजेंसी ANI (@AHindinews) की रिपोर्ट के अनुसार, स्वतंत्र भारद्वाज को बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के सामने पेश किया गया था। इसके बाद पुलिस को एक दिन की हिरासत मिली। अब उन्हें दोबारा अदालत में पेश किया जाना है, जहां आगे की कार्रवाई न्यायिक हिरासत को लेकर होगी।

भारद्वाज के अधिवक्ता पीयूष जैन ने बताया कि पेशी दोपहर करीब 12 से 12:30 बजे के बीच होने की उम्मीद है। फिलहाल मामला ड्यूटी मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष है। वकील के अनुसार, इस स्तर की अदालत के पास जमानत याचिका पर सुनवाई करने का अधिकार नहीं है। इसलिए यहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की संभावना है।

SC/ST मामले की सुनवाई विशेष अदालत में

बचाव पक्ष ने बताया कि मामले की वास्तविक सुनवाई उस विशेष अदालत में होगी, जिसे SC/ST मामलों के लिए गठित किया गया है। यानी आगे की कानूनी लड़ाई सामान्य मजिस्ट्रेट अदालत के बजाय संबंधित विशेष न्यायालय में आगे बढ़ेगी। इससे केस की न्यायिक प्रक्रिया का अगला चरण भी महत्वपूर्ण हो गया है।

POCSO एक्ट में दूसरा मामला, आरोपों पर वकील ने उठाए सवाल

इस बीच, वकील ने दावा किया कि भारद्वाज के खिलाफ POCSO Act के तहत एक अन्य मामला भी दर्ज किया गया। इस केस की सुनवाई भी संबंधित विशेष अदालत में होने की बात कही गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती और आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।

पीयूष जैन ने बचाव पक्ष का पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका सवाल है कि कथित घटनाओं के करीब दो महीने बाद POCSO और SC/ST कानूनों के तहत कार्रवाई क्यों सामने आई। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे किसी संभावित मकसद की ओर भी इशारा किया।

‘तिहाड़ में हमले का खतरा’, सरकार से सुरक्षा की मांग

वकील ने सबसे गंभीर चिंता भारद्वाज की जेल सुरक्षा को लेकर जताई। उनका कहना है कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है जिससे जेल में भारद्वाज पर हमले की आशंका है। इसी आधार पर उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से तिहाड़ जेल के भीतर उनके लिए पुख्ता और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है।

फिलहाल इस मामले में आरोपों की सत्यता और आगे की कानूनी दिशा अदालत में होने वाली सुनवाई से स्पष्ट होगी। न्यायिक हिरासत, नए POCSO केस और सुरक्षा संबंधी दावों ने इस प्रकरण को और संवेदनशील बना दिया है।