
Bike King of India: धनतेरस पर लोग सोना-चांदी खरीदते हैं, लेकिन राजस्थान के उदयपुर शहर के रवि कंधार का शौक कुछ अलग है। उन्होंने सोने और चांदी से मोटरसाइकिलें तैयार करवाकर अपने जुनून को अनूठी पहचान दी है। उनके पास ब्रिटिशकालीन 108 पुरानी मोटरसाइकिलों का संग्रह है। इनमें तीन बाइक 24 कैरेट सोने और एक 999 शुद्ध चांदी से तैयार की गई है। करीब 45 साल से इस विरासत को सहेज रहे रवि को लोग 'बाइक किंग ऑफ इंडिया' भी कहते हैं।
रवि ने करीब 15 साल की उम्र में पुरानी मोटरसाइकिलें जुटाना शुरू किया था। देश के अलग-अलग शहरों से ब्रिटिशकालीन मॉडल तलाशे। कई बाइक कबाड़ में पड़ी थीं, जिन्हें उन्होंने दोबारा चलने लायक बनवाया। पुराने मॉडल के पुर्जे नहीं मिलने पर कुछ इंग्लैंड से मंगवाए गए और कुछ विशेष रूप से तैयार करवाए। कई पुर्जों को दुरुस्त कराने में दो साल तक लग गए।
संग्रह में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौर की मोटरसाइकिलें और हेलिकॉप्टर के साथ इस्तेमाल होने वाले मॉडल भी शामिल हैं। रवि का दावा है कि सभी बाइक चालू हालत में हैं। कई के लिए 555, 111, 777, 666 और 1009 जैसे विशेष नंबर नीलामी से हासिल किए गए हैं। पत्नी रश्मि और तीनों बच्चों ने भी इस जुनून को आगे बढ़ाने में सहयोग किया। विदेशी कंपनियों से खरीदने के प्रस्ताव मिलने के बावजूद रवि ने अपना संग्रह बेचने से इनकार कर दिया।
इस जुनून को आगे बढ़ाने में रवि को अपने परिवार का भी पूरा सहयोग मिला। पत्नी रश्मि और तीनों बच्चों ने हर कदम पर उनका साथ दिया। विदेशी कंपनियों की ओर से संग्रह खरीदने के प्रस्ताव मिलने के बावजूद रवि ने अपना संग्रह बेचने से साफ इनकार कर दिया। उनके लिए यह संग्रह सिर्फ बाइकों का जखीरा नहीं, बल्कि एक विरासत है, जिसे वे सहेजकर रखना चाहते हैं।