तमिलनाडु विधानसभा में DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने सीएम विजय की मौजूदगी में सनातन को खत्म करने की बात कही। स्टालिन ने कहा कि लोगों को बांटने वाले सनातन को समाप्त कर देना चाहिए। उदयनिधि का यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
द्रविड मुनेत्र कषगम (DMK) नेता उदयनिधि स्टालिन का सनातन धर्म को लेकर एक विवादित बयान सामने आया है। स्टालिन ने मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा को संबोधित करते हुए एक बार फिर सनातन पर निशाना साधा। स्टालिन ने सदन में कहा कि लोगों को बांटने वाले सनातनम को समाप्त कर देना चाहिए। स्टालिन ने नव नियुक्त मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की मौजूदगी में यह बयान दिया। स्टालिन की टिप्पणी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। भाजपा ने इसे धार्मिक भावनाओं का अपमान बताया। इस बयान ने सनातन धर्म पर चल रही बहस को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है।
स्टालिन ने विधानसभा में कहा कि समाज को विभाजित करने वाली किसी भी सोच को समाप्त किया जाना चाहिए। उनके बयान के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने हमला बोला। भाजपा प्रवक्ता सी आर केसवन ने कहा कि तमिलनाडु की जनता अपनी आस्था के अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्षी दल धार्मिक परंपराओं को निशाना बना रहे हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस तरह के बयान समाज में तनाव पैदा करते हैं।
बता दें कि यह पहली बार नहीं है कि जब स्टालिन ने सनातन धर्म को लेकर विवादित बयान दिया है। इससे पहले भी करीब तीन वर्ष पहले उन्होंने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारियों से की थी। उस बयान के बाद देशभर में विवाद खडा हुआ था। हालांकि स्टालिन ने बाद में कहा था कि उनका विरोध जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ था। उन्होंने कहा था कि वह सामाजिक न्याय के मुद्दे पर अपनी बात दोहराते रहेंगे। इसी मामले पर मद्रास हाई कोर्ट ने जनवरी में टिप्पणी करते हुए कहा था कि उनका बयान हेट स्पीच की श्रेणी में आता है। अब नए बयान के बाद यह विवाद फिर तेज हो गया है।